- बीएमसी ने तबेलों को बाहर भेजने की साजिश
मुंबई (सं. भा.) । वह दिन दूर नही जब मुंबईकर ताजा और पौष्टिक दूध पीने के लिए तरस जाएंगे। ऐसा इस लिए , क्यों कि बीएमसी मुंबई के तबेलों को अन्यत्र स्थानांतरित करने का कुचक्र रच रही है। लोगों के घर घर तक ताजा दूध मुहैया कराने वाले मुंबई के तबेलों का अपना एक इतिहास और संस्कृति रही है। करीब दो दशक पहले तक मुंबई में सुबह-शाम ताजा दूध खरीदने के लिए घरों के बाहर स्टील के कंटेनर लेकर लोगों की कतारें लगी रहती थीं। कुर्ला, घाटकोपर, मुलंड, वर्ली, जोगेश्वरी, गोरेगांव, मालाड बोरीवली में बड़े-बड़े तबेले थे, जहां से लोग ताजा दूध खरीदते थे। इन तबेलों में लगभग 90,000 दुधारू पशु हुआ करते थे, अब ये घटकर केवल 10,000 रह गए हैं। मुंबई में बचे शेष 263 तबेलों को मुंबई से 140 किमी दूर पालघर जिले के दापचेरी में स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है। मुंबई मनपा ने इन तबेलों का सर्वेक्षण किया है और जल्द ही इन्हें ध्वस्त करने के लिए नोटिस जारी करने की योजना बनाई है। इसका मुंबई में मिल्क ट्रेडर्स एसोसिएशन ने विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और मनपा बिना किसी तैयारी के हमारे खिलाफ कार्रवाई करने को तैयार है।

राज्य सरकार दापचेरी में 6,500 एकड़ भूमि पर एक डेयरी परियोजना स्थापित करने की योजना बना रही है, लेकिन एक दशक तक वहां कुछ नहीं किया गया। इन जमीनों पर आदिवासियों के गांव और घर हैं। जब तक सरकार जगह खाली नहीं करवाएगी तब तक तबेलों को कैसे हटाया जा सकता है? बिना बिजली, पानी और शेड के व्यापारी पूछ रहे हैं कि वे जानवरों को वहां कैसे ले जाएंगे ?


