वाराणसी (सं.भा.): चुनावी तैयारियों के बीच मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त नवदीप रिणवा ने वाराणसी का दौरा कर पुनरीक्षण प्रक्रिया की जमीनी हकीकत परखी और अंतिम सूची के प्रकाशन की तारीख का ऐलान किया। सोमवार को चौकाघाट में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि 10 अप्रैल 2026 को पूरे प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। यह सूची भविष्य के चुनावों के लिए स्थायी और अधिकृत रिकॉर्ड के रूप में उपयोग में लाई जाएगी।
रिणवा ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के तहत दावे-आपत्तियों की सुनवाई लगातार जारी है। सुबह कबीर चौराहा स्थित कंपोजिट विद्यालय (एबीआरसी) में चल रही सुनवाई प्रक्रिया का निरीक्षण किया गया, जहाँ व्यवस्थाओं की पारदर्शिता, समयबद्धता और मतदाताओं के अनुभव की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी व सुचारु बनाया जाए। दौरे के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ करीब 40-45 मिनट तक बैठक भी हुई। बैठक में दलों ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए, जिन्हें आयोग ने गंभीरता से दर्ज किया। आयोग की ओर से पुनरीक्षण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि प्रदेश भर से आए लगभग 500 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और सुपरवाइजरों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसमें फील्ड में आने वाली चुनौतियों और सुधार के उपायों पर चर्चा होगी। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को सम्मानित भी किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग का लक्ष्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि प्रकाशित होने वाली अंतिम सूची विश्वसनीय दस्तावेज साबित हो। फार्म-6, फार्म-7 और फार्म-8 भरने का विकल्प जारी रहेगा, साथ ही दावे-आपत्तियाँ भी नियमों के तहत स्वीकार की जाएँगी। राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल द्वारा दी गई सूची के सत्यापन के संबंध में रिणवा ने बताया कि पहले चरण में 4500 वोटों की जांच की गई, जिसमें केवल 8 वोट डुप्लीकेट पाए गए। उन्होंने कहा कि यदि कोई गड़बड़ी जानबूझकर की गई होगी तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आगे की जांच जारी है।


