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मनोरी में बनेगा समुद्र के पानी को मीठा करने का प्रोजेक्ट

बीएमसी इसी महीने फिर निकलेगी टेंडर

मुंबई (सं. भा.) मालाड के मनोरी में समुद्र के पानी को मीठा करने का प्रोजेक्ट पिछले कई वर्षों से चचर्चा में है। बीएमसी इस महीने प्रोजेक्ट के लिए नया टेंडर जारी करने जा रही है। यह सातवीं बार होगा जब बीएमसी मनोरी में समुद्र के पानी को मीठा करने के लिए टेंडर जारी करेगी। इसके पहले बीएमसी 6 बार टेंडर जारी कर चुकी है, लेकिन कोई कंपनी आगे नहीं आई। अब बीएमसी इस प्रोजेक्ट के लिए सातवीं बार टेंडर जारी करने जा रही है। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि नया टेडर लगभग फाइनल है। पुराने टेंडर के मुकाबले इसमें शर्तों को काफी शिथिल किया गया है। अधिकारी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि इस बार कई कंपनियां समुद्र के पानी को मीठा करने के प्रोजेक्ट में दिलचस्पी दिखाएंगी।
बीएमसी अधिकारी ने बताया कि समुद्र के पानी को मीठा करना एक जटिल प्रक्रिया है। दुनिया में चार बड़ी कंपनियां है, जो समुद्र के पानी को मीठा करती है। बीएमसी अधिकारी ने बताया कि मनोरी में कंस्ट्रक्शन और पानी को मीठा करना दो अलग-अलग प्रोजेक्ट है। हमारी कोशिश है कि यह दोनों कार्य एक ही कंपनी करे, लेकिन इस कारण कंपनियां प्रोजेक्ट में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। क्योंकि दोनों मामलों की विशेषज्ञता एक ही कंपनी के पास बहुत कम है। उन्होंने कहा कि पिछली बार एक कंपनी ने टेंडर भरा था, लेकिन हमने उसे रद्द कर दिया। क्योंकि एक कंपनी के आने से प्रतिस्पर्धा खत्म हो जाती है और क्वॉलिटी पर भी सवाल उठता है। अधिकारी ने कहा कि सिर्फ समुद्र के पानी को मीठा कर पीने योग्य बनाने के लिए कंपनी तैयार है, लेकिन समुद्र में लगभग दो किलोमीटर तक पाइपलाइन बिछानी होगी, जिससे ट्रीट किए गए पानी (साल्ट) को अंदर छोड़ा जा सके। कंपनियों के सामने यह सबसे बड़ी चुनौती है।

समुद्र के पानी को मीठा कर पीने के योग्य बनाने की कल्पना वर्षों से मुंबई में की जा रही है। उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्रित्व काल में इसे मूर्त रूप देने की कोशिश की गई। लेकिन राज्य में सत्ता बदलने के बाद बीएमसी की प्राथमिकता बदल गई, जिससे यह प्रोजेक्ट पिछड़ गया। लेकिन मुंबई में पानी की बढ़ती जरूरत और गारगाई-पिंजाल, दमण-गंगा प्रोजेक्ट में देरी की वजह से बीएमसी ने मनोरी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का फैसला किया। लेकिन बीएमसी के टेंडर में शर्ते इतनी जटिल है कि कोई कंपनी आगे ही नहीं आ रही है। अब हार मानकर बीएमसी टेंडर को आसान बना कर जारी करने जा रही है।
बीएमसी की योजना के अनुसार, मनोरी प्रोजेक्ट से पहले चरण में प्रतिदिन 200 एमएलडी पानी मुंबई को मिलने की उम्मीद है। दूसरे चरण में प्रोजेक्ट का विस्तार किया जाएगा और मुंबई को प्रतिदिन कुल 400 एमएलडी पानी मिलेगा। इस प्रोजेक्ट पर 3500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इसमें पीने योग्य पानी बनाने में 1600 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा अगले 20 वर्षों तक इसकी देखभाल और मरम्मत पर 1920 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

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