लखनऊ (सं.भा.) FCRA और परिसीमन विधेयक को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने और संस्थाओं पर नियंत्रण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता ने विपक्ष को सरकार से सवाल पूछने के लिए चुना है और सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
FCRA को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार से सवाल किया कि यदि विदेश से पैसा अच्छे कार्यों के लिए भारत आ रहा है तो सरकार को इससे परेशानी क्यों है? उन्होंने कहा कि सरकार पहले यह बताए कि भारत का कितना पैसा विदेश गया है और उसे लेकर क्या कार्रवाई हुई है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि FCRA के जरिए लोगों और संस्थाओं को डराने का प्रयास किया जा सकता है।
परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर भी उन्होंने केंद्र से स्पष्ट जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि सपा दोनों विधेयकों का विरोध कर रही है और विपक्ष अपनी भूमिका निभाते हुए जनता से जुड़े सवाल लगातार उठाता रहेगा।
अखिलेश ने प्रयागराज में छात्रों पर दर्ज मुकदमों का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज व आंसू गैस का इस्तेमाल हुआ तथा कुछ ऐसे छात्रों पर भी मुकदमे दर्ज किए गए, जो प्रदर्शन में शामिल नहीं थे।
ममता बनर्जी पर हमले की निंदा
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की गाड़ी पर हुए हमले की भी अखिलेश यादव ने निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वरिष्ठ नेताओं के साथ इस तरह का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने ममता बनर्जी की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी बताया।


