फतेहपुर (सं. भा.) : उत्तराखंड के चमोली जनपद में रविवार को ग्लेशियर टूटने की जानकारी के साथ ही प्रशासन सक्रिय हो गया। एडीएम ने आपदा प्रबंधन की बैठक लेकर राजस्व कर्मियों को प्रभावित होने वाले गांवों में निगरानी के निर्देश दिए। कहा कि नदी में नौका संचालन पर रोक लगा दी जाए। साथ ही गंगा किनारे रहने वालों को अलर्ट कर दिया गया है।
धौलीगंगा पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट का बांध टूटने से गंगा और सहायक नदियों में बाढ़ की आशंका जताई जा रही है।उत्तराखंड के चमोली से लेकर उत्तर प्रदेश में हरिद्वार तक अलर्ट जारी किया गया है। एडीएम लालता प्रसाद शाक्य ने आपदा प्रबंधन टीम को सक्रिय करते हुए लेखपालों से प्रभावित होने वाले गांवों की सूची मांगी है। कहा कि बिजनौर व नरौरा से पानी आने की जानकारी ली जा रही है। अभी तक जिले में किसी तरह के खतरे की संभावना नहीं है, लेकिन यदि बांधों पर पानी न रोका गया तो दो दिन में जिले में पानी आ सकता है। बाढ़ चौकियों को गंगा किनारे के गांवों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए है। खागा एसडीएम प्रह्लाद सिंह ने राजस्व कर्मियों को गंगा, यमुना नदियों के किनारे बसे गांवों में जाकर स्थितियों का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने बताया कि सैकड़ों किमी दूर तक आपदा का प्रभाव दिखाई पड़ सकता है।
गंगा नदी से दूर है बस्तियां
प्रशासन के लिए राहत भरी बात यह है कि गंगा नदी से ज्यादातर बस्तियां दूर है। बिदकी तहसील क्षेत्र के अभयपुर व शिवराजपुर ग्राम पंचायतों के मजरे काली कुंडी, जाड़े का पुरवा सहित दस मजरे ऐसे तो पानी बढ़ने पर खतरे में आ सकते है। बिदकी एसडीएम प्रियंका ने इन बस्तियों के लोगो को सतर्क कर दिया है। खागा व सदर तहसील क्षेत्र में प्रभावित होने वाले गांवों की संख्या शून्य है।
गंगा कटरी क्षेत्र में हजारों बीघा क्षेत्रफल में सब्जी की बारी (खेती) किए हुए हैं। अभयपुर, कोटिया, गुनीर, आदमपुर, भिटौरा, खुशरूपुर, असनी, नौबस्ता आदि स्थानों में किसान कटरी में सब्जी तैयार किए है। पानी ज्यादा बढ़ा तो यह फसल बर्बाद हो जाएगी। पानी आगे बढ़ने की पल-पल की जानकारी ली जा रही है। बाढ़ चौकियों के साथ सिचाई विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। जिले में अभी किसी तरह का खतरा नहीं है, इसके बाद भी हर स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है।


