फतेहपुर (सं.भा.): मौसम में बदलाव के साथ जिले में मौसमी बीमारियों का असर साफ दिखाई देने लगा है। रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में बड़ी संख्या में मरीज इलाज और परामर्श के लिए पहुंचे, जहां वायरल, बुखार, जुकाम और खांसी से पीड़ित मरीजों की संख्या उल्लेखनीय रही।
जिले के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे मेले में करीब दो हजार से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। चिकित्सकों के अनुसार, वायरल संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि पेट दर्द, त्वचा रोग, कमजोरी और ब्लड प्रेशर से संबंधित शिकायतें भी सामने आईं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मरीजों की जांच कर आवश्यक दवाएं वितरित कीं। जिन मरीजों की स्थिति गंभीर पाई गई, उन्हें आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। मेले में सुबह से ही पंजीकरण और जांच के लिए लोगों की कतारें लगी रहीं।
अमौली, चांदपुर, औंग, चक्की, मुत्तौर, बारा, जाफरगंज, पक्का तालाब, इशाई पुरवा और विनौवा नगर समेत करीब 40 केंद्रों पर आयोजित इस स्वास्थ्य मेले में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। चिकित्सा कर्मियों ने न केवल उपचार किया, बल्कि लोगों को बदलते मौसम में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक भी किया। डॉक्टरों ने साफ-सफाई बनाए रखने, उबला या फिल्टर पानी पीने और संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सतर्कता बरतने की सलाह दी। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी रखने पर जोर दिया गया।
मेले में गर्भवती महिलाओं ने भी नियमित स्वास्थ्य जांच कराई। आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं द्वारा पूर्व में किए गए जागरूकता अभियान का असर रहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं जांच के लिए पहुंचीं। जिला स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डा. राजेंद्र वर्मा ने बताया कि हर रविवार को आयोजित हो रहे आरोग्य मेले का उद्देश्य ग्रामीणों को नजदीक और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि वायरल के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी पीएचसी में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है तथा लोगों से मौसम परिवर्तन के दौरान खानपान और दिनचर्या में सावधानी बरतने की अपील की गई है।


