- 17 बांग्लादेशी गिरफ्तार
- पालक मंत्री लोढ़ा ने जताई चिंता
- बांग्लादेशियों के पास मिले पैन कार्ड और पासपोर्ट
मुंबई (सं. भा.) : मुंबई सहित पूरे देश में करोड़ों बांग्लादेशी अवैध रूप से रह रहे हैं। मुंबई और आसपास के जिलों (MMR) में भी बड़ी संख्या में घुसपैठिए बांग्लादेशी अवैध रूप से रह रहे हैं। नालासोपारा में इसी प्रकार छुप कर रह रहे 17 बांग्लादेशी घुसपैठियों को बोरीवली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस को भारतीय पासपोर्ट बरामद हुए हैं।
मुंबई उपनगर के पालक मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने इस कामयाबी के लिए बोरीवली पुलिस को बधाई दी। साथ ही चिंता जताते हुए कहा कि इन बंगलादेशियों को मुंबई और आसपास के इलाकों में संरक्षण कौन दे रहा है। उन्होंने इसकी जांच किये जाने की बात भी कही। उन्होंने यह भी कहा कि फर्जी वेबसाइट बना कर घुसपैठिए बांग्लादेशियों को पहले जन्म प्रमाणपत्र दिया जाता है। इस फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के जरिये यह बांग्लादेशी घुसपैठिए पैन कार्ड, आधार कार्ड और फिर अंत में भारतीय पासपोर्ट बनवाने में कामयाब हो जाते हैं।
उपरोक्त बातें उन्होंने गत शनिवार को मालवणी पुलिस स्टेशन में मीडिया के संबोधन में कही।

बतादें कि डीसीपी अजय कुमार बंसल के अनुसार 11 अक्टूबर को पुलिस को टिप मिली थी कि बोरिवली पश्चिम में तीन बांग्लादेशी अवैध रूप से रह रहे हैं। सीनियर इंस्पेक्टर निनाद सावंत की टीम ने इसके बाद इन लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें मुख्य सरगना सलमान अयूब खान भी शामिल था। उससे पूछताछ में पता चला कि वह बांग्लादेश के शहर सतखिरा का मूल निवासी है और वह कई सालों से मुंबई में रह रहा है। वह कई बांग्लादेशियों को मुंबई में बुलाकर उनके पासपोर्ट बनवाने का काम करता है। वह अब तक आठ लोगों के भारतीय पासपोर्ट बनवाने में कामयाब भी हो गया था।
उसने पूछताछ में उन बांग्लादेशियों के नाम और अड्रेस बताए, जिनके उसने अब तक भारतीय पासपोर्ट या भारतीय पासपोर्ट के लिए जरूरी फर्जी दस्तावेज बनवाए थे। यह लोग वसई-विरार इलाके में रह रहे थे। इस सूचना के बाद एक टीम ने नालासोपारा में रेड डाली और वहां से 4 बांग्लादेशियों को पकड़ा। दूसरी टीम ने विरार में छापा मारा और वहां से 10 बांग्लादेशियों को अपनी गिरफ्त में लिया।
पुलिस का कहना है कि सलमान अयूब खान आधार कार्ड और पैन कार्ड के लिए जरूरी फर्जी दस्तावेज पहले बनवाता था। इनमें बर्थ सर्टिफकेट और अड्रेस प्रूफ जैसे डॉक्यूमेंट्स शामिल हैं। इन डॉक्यूमेंट्स पर जब आधार कार्ड, पैन कार्ड बन जाते थे, तो वह अपने साथियों के लिए भारतीय पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेता था। फिर उसके लोग पासपोर्ट केंद्र में यह दस्तोवज दे देते थे। उसके कुछ लोगों के इन्हीं दस्तावेजों पर पासपोर्ट भी बन गए, बाकी के बनवाने की वह कोशिश कर रहा था। खुद सलमान अयूब खान ने इसी मोडस ऑपरेंडी से सबसे पहले अपना भारतीय पासपोर्ट बनवाया था।
भारतीय पासपोर्ट मिल जाने के बाद आरोपी खाड़ी देशों में नौकरी के लिए अप्लाई करते थे। गिरफ्तार आरोपियों में से दो लोग कुवैत भी हो आए थे। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उन्होंने बांग्लादेश में रहकर वहां के पासपोर्ट इसलिए नहीं बनवाए, क्योंकि उन्हें किसी ने बताया कि बांग्लादेश और पाकिस्तान के पासपोर्ट पर विदेश में आसानी से नौकरी नहीं मिलती है। इसी वजह से वह बांग्लादेश से भारत आए और फिर फर्जी दस्तावेजों पर भारतीय पासपोर्ट बनवा लिए। बोरिवली पुलिस ने जून महीन में भी इसी तरह का एक रैकेट पकड़ा था, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज देकर तमाम लोगों के आधार कार्ड बनवाए थे।


