मुंबई (सं. भा.) मानसून के दौरान होने वाली भारी बारिश में मुंबई न डूबे इसको लेकर बीएमसी युद्ध स्तर पर तैयारी में जुटी हुई है। बता दें कि भारी बारिश के कारण मुंबई में कभी कभी बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है। इसके लिए बीएमसी प्रशासन जोरदार तैयारियां कर रहा है। नदी- नालों की सफाई के साथ ही प्री-मानसून कार्यों को समय पर पूरा करने की जद्दोजहद की जा रही है। भारी बारिश के दौरान जलजमाव न हो इसके लिए चिन्हित इलाकों में 481 पंपों से जल निकासी की जाएगी। इसमें मुंबई शहर में 187, पूर्वी उपनगर में 124 और पश्चिमी उपनगर में 166 पंप लगाए जाएंगे। भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी की निकासी के लिए पंप लगाए जाते हैं।

इस साल भी शहर व उपनगरों में 481 स्थानों पर पंप लगाए जाएंगे। इसके लिए जियो टैगिंग का प्रयोग किया जाएगा। यदि कोई पंप ठीक से और समय पर काम नहीं कर रहा है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। बीएमसी प्रशासन ने मानसून को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। निचले इलाकों में जलजमाव, आपात स्थितियों से निपटने, पहाड़ियों व खतरनाक इमारतों में रहने वालों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की युद्धस्तर पर कोशिश की जा रही है। बारिश के दौरान सेना, कोस्ट गार्ड, एनडीआरएफ, म्हाडा, परिवहन, यातायात, पुलिस फायर ब्रिगेड को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। मानसून के दौरान निचले इलाकों में जल भराव की चुनौती से निपटने के लिए सभी प्रणालियों के समन्वय में काम करने का फैसला लिया गया, ताकि हर चुनौतियों से निपटा जा सके। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार रेल पटरियों पर पानी भरने के कारण मुंबई की लाइफ लाइन कहे जाने वाली लोकल सेवा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।


