भायंदर (सं. भा.) मीरा भायंदर में मैंग्रोज वन क्षेत्र का सीमांकन कर उसका नक्शा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव हाल ही में मनपा प्रशासन ने वन विभाग को भेजा है। शहर 3 तरफ से अरब सागर के खाड़ी से घिरा हुआ है, जिससे यहां का एक बहुत बड़ा भूभाग मैंग्रोव वन से घिरा हुआ है, पिछले कुछ वर्षों में शहर के मैंग्रोव क्षेत्र को पड़े पैमाने पर ह्रास करने, भू माफियाओं द्वारा कब्जा किए जाने और अवैध भरनी कर मैंग्रोज वन को नष्ट किए जाने की कई शिकायतें मनपा प्रशासन को प्राप्त होती है, लेकिन मीरा-भायंदर क्षेत्र में मैंग्रोज वन के सीमा क्षेत्र की पूर्णरूपेण जानकारी पालिका प्रशासन को नहीं होने से उस पर कार्रवाई करने में उन्हें कठिनाइयां उत्पन्न होती है। सीमा निश्चित हो जाने के बाद अवैध निर्माणों पर अंकुश और स्थानीय ग्रामीणों को उनकी जमीन सुरक्षित रखने में सहायता मिलेगी, इसीलिए वन विभाग को मैंग्रोज क्षेत्र के सीमांकन का प्रस्ताव भेजा गया है। बता दें कि मैंग्रोज वन क्षेत्र के संरक्षण के लिए केंद्र सरकार ने कड़े नियम बनाए हैं, लेकिन आज तक इन नियमों को कड़ाई से लागू न किए जाने की वजह से इसका पालन नहीं किया जा रहा, जिससे मैंग्रोज वन क्षेत्र धीरे-धीरे कम होने लगी है और शहर के मँग्रोज वन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किए जा रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए मनपा आयुक्त संजय श्रीपतराव काटकर ने पहल की है, जिसमें सर्वप्रथम शहर के मैंग्रोज क्षेत्र की जानकारी प्राप्त कर उसकी सीमा निश्चित करने का निर्णय लिया गया है।

मैग्रोज वन क्षेत्र, वन विभाग के अधीन आता है, इसलिए वन विभाग को इसका प्रस्ताव भेजा गया है। वन विभाग के पास वर्ष 2005 से पूर्व का नक्शा उपलब्ध होने के कारण पुनः सर्वेक्षण कर सीमा निश्चित की जायेगी। संजय शिंदे, उपायुक्त MBMC


