मुंबई (सं.भा.): मुंबई महानगर में पानी की भारी खपत के बीच अवैध कनेक्शन और पानी चोरी का मामला अब सरकार के निशाने पर आ गया है। विधान परिषद में इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद राज्य सरकार ने मुंबई में अवैध पानी कनेक्शनों और पानी चोरी के मामलों की जांच कराने का भरोसा दिया है।
जानकारी के मुताबिक मुंबई में रोजाना करीब 4100 एमएलडी पानी सप्लाई किया जाता है, लेकिन अनुमान है कि लगभग 700 एमएलडी पानी चोरी और अवैध कनेक्शनों के कारण लोगों तक नहीं पहुंच पाता। कांदिवली, मालाड, मालवणी, कुर्ला, मानखुर्द और गोवंडी जैसे इलाकों में प्लॉटिंग और छोटे उद्योगों में पानी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई जगहों पर गैरेज और वर्कशॉप में लगातार वाहनों की धुलाई भी की जाती है।
वहीं दूसरी ओर कुरार, गणेश टेकड़ी और अप्पा पाड़ा जैसे क्षेत्रों में लोगों को दिनभर में केवल आधे से एक घंटे तक ही पानी मिल पाता है, जिससे स्थानीय नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विधान परिषद में इस मुद्दे को उठाते हुए भाजपा विधायक राजहंस सिंह ने पानी चोरी और पाइपलाइन लीकेज पर सख्त कार्रवाई की मांग की। इस पर जवाब देते हुए राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा कि मुंबई में अवैध कनेक्शन और पानी चोरी के मामलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार मुंबई में पानी की कुल मांग करीब 4665 एमएलडी है, जबकि शहर को पानी उपलब्ध कराने वाली सात झीलों से औसतन लगभग 4100 एमएलडी पानी ही सप्लाई किया जा रहा है।
बीएमसी सप्लाई का पानी हो रहा चोरी, सरकार ने जांच का दिया भरोसा
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