मुंबई (सं. भा.)। कांदिवली (प.) के गणेश नगर में रुपारेल बिल्डर द्वारा एसआरए के तहत बिल्डिंग बनाने का काम जारी है। वहां ४ जुन को मिट्टी का परिक्षण करने के लिए खोदे गए गड्ढे में ७ वर्षीय मासूम आदित्य चौहान की पानी में डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद कांदिवली पुलिस ने रुपारेल बिल्डर के सभी पार्टनरों के खिलाफ भादवि की धारा ३०४ (ए) यानी लापरवाही बरतने के कारण हुई मौत का मामला दर्ज किया है। इस मामले में बिल्डर अमित रुपारेल, लोकेश खंडेकवार सहित सभी पार्टनर फरार बताए जाते हैं। दुसरी ओर इस घटना के बाद एसआरए ने रुपारेल बिल्डर को स्टॉप वर्क नोटिस ७ जुन २०१८ को जारी किया है। जारी किए गए नोटिस के बावजुद वहां काम बदस्तुर जारी है। इस क्षेत्र के लोग अब यह कहते सुनाई देते है कि बिल्डर है फरार फिर भी काम जारी है सरकार।
गौरतलब है कि आदित्य चौहान की रुपारेल बिल्डर के एसआरए साइट पर गड्ढे में गिर कर पानी में डूबने से हुई मौत की घटना के बाद एसआरए कार्यालय द्वारा ७ जुन को सुरक्षा का उचित उपाय नही करने को लेकर स्टॉप वर्क नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि एसआरए के नियमों के अनुसार और अधिकारियों द्वारा की गई जांच में पाया गया कि रुपारेल बिल्डर ने अपने साईट पर सुरक्षा का उचित एवं पुख्ता इंतजाम नही किया था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चे के मौत की घटना के बाद एसआरए अधिकारियों ने अपना दामन बचाने के लिए यह स्टॉप वर्क नोटिस जारी किया है। जब एसआरए की स्कीम कही चालु होता है तो एसआरए के इंजीनियरों का फर्ज बनता है कि वह वहां समय -समय पर पहुंच कर बिल्डर द्वारा सुरक्षा के लिए किए गए उपाय योजनाओंका निरीक्षण करें। इंजीनियर अगर ऐसा करते तो रुपारेल बिल्डर इतना दबंगई नही करता और एक मासूम बच्चे की मौत नहीं होती। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि कांदिवली पुलिस रुपारेल बिल्डर को पूरी तरह मदद कर रही है। लापरवाही से हुई मौत का मामला दर्ज करने के बावजुद उसके हाथ अब तक बिल्डर के गिरेबान तक नही पहुंच पाए हैं। घटना के इतनो दिनो बाद बिल्डर क्षेत्र में खुले आम घुमता दिखाई देता है। कांदिवली पुलिस की एक टीम वहां सुरक्षा में तैनात है परंतु लगता है कि सभी के आंखों पर आर्थिक लेन देन का भारी पर्दा पड़ा हुआ है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नितिन पोंदकुले ने बताया कि रुपारेल बिल्डर के सभी पार्टनर अभी तक फरार हैं।


