मुंबई (सं. भा.)। : महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट व मुंबई शहर के पालक मंत्री असलम शेख कल सिंधु बॉर्डर पहुंचे थे। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषी कानून का विरोध कर रहे किसानों का कल ७५ वां दिन था। वहां उन्होंने आंदोलनरत किसानों के अलावा भारतीय किसान युनियन के नेता राकेश टिकैत से मुलाकात की। उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि देश के अन्नदाताओं के साथ कांग्रेस पार्टी हमेश से ही पूरी ताकत के साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी। इस दौरान वे प्रसार माध्यमों को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर जमकर बरसे।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जो तीन कृषी कानून लाया गया है वह तीनों ही कानून किसानों को अपनी ही भूमि पर मजदूरी करने के लिए विवश होने के लिए मजबूर करने वाला है। केंद्र सरकार का उद्देश्य कृषी उपज मंडी समिति (ए.पी.एम.सी) प्रणाली को समाप्त करना है जो किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रदान करती है।
कैबिनेट मंत्री असलम शेख ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि देश के कुछ बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग को लागू करवाना चाहती है। देश और विदेश में आज तक कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग के जितने प्रयोग कि गए हैं वह पूरी तरह असफल साबित हुए हैं। उन्होंने इस बात पर दुख भी जताया कि जो मोदी सरकार देश के गरीबों के वोट पर सत्ता में आई थी। उसी सरकार को देश का गरीब किसान खालिस्तानी और आतंकवादी दिखाई दे रहे हैं।


