मुंबई (सं. भा.)। चारकोप में म्हाडा की ५३ कालोनियों में रहने वाले १२०० परिवार जो अब तक वोटिंग कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और शिक्षा में लोन से वंचित थे १५ साल बाद उन्हें न्याय मिला है। सभी घरों के सीआरजेड २ के दायरे में आने के कारण सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद घर ड्रांसफर नहीं हो रहा था। म्हाडा अध्यक्ष मधु नव्हाण के प्रयासों से सभी को घर हस्तांतरित करने का प्रमाणपत्र दिया गया।
वोटिंग, पेन, आधार से थे वंचित
चारकोप सेक्टर ८-९ सीआरजेड २ के दायरे में आता है। ५० फुट के दायरे में मैंग्रोव होने की वजह से सुप्रीमकोर्ट ने सभी घरों को गिराने का अंतरिम आदेश पारित किया था। म्हाडा अति अल्प वर्ग के परिवारों को अनापति हस्तांतरण पत्र देना बंद कर दिया था। इसके खिलाफ चारकोप मंच संस्था के अंतर्गत ५३ सोसायटियों के १२०० परिवार रहते हैं। जो सभी सुविधाओंसे वंचित थे। स्टैंप ड्यूटी भरने और रजिस्ट्रेशन होने के बाद भी घर को उनके नाम पर नहीं किया जा सकता था। घर मरम्मत करने में भी समस्या आ रही थी।
म्हाडा के मुख्य अधिकारी के साथ बैठक में ५३ सोसायटी मैंग्रोव के दायरे में आने का कारण देकर वंचित रखा गया था। मधु चव्हाण के प्रयासों से पहले चरण में २५ परिवारों को हस्तांतरण पत्र दिया गया।


