- पुलिस ने किया गिरफ्तार
विरार (सं. भा.) अलग-अलग गृहनिर्माण कंपनी की स्थापना कर उसके माध्यम से 150 लोगों से 30 करोड़ की आर्थिक धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में अपराध शाखा यूनिट -3 की टीम ने सफलता प्राप्त की है। यह गिरफ्तारी मीरा- भाईंदर वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर किया गया। यह जानकारी आयुक्तालय के जनसंपर्क अधिकारी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है।
झूठे दस्तावेजों के आधार पर एक ही फ्लैट कई ग्राहकों को बेचा : साथ ही बताया कि वर्ष 2011 से 4 मई 2018 के बीच में मंदार हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड नामक बांधकाम कंपनी के संचालक/ भागीदार / प्रवर्तक / मध्यस्थ राजू सुलीरे, अविनाश ढोले, विपुल ढोले, विपुल पाटील, अल्लाऊद्दीन शेख, गुसुफ कोटवाला और अन्य ने आपस में मिलकर आपराधिक षडयंत्र रचकर इनके द्वारा सबसे पहले जरूरतमंद निवेशकों/ ग्राहकों को रियायती दरों पर आधुनिक सुविधाओं वाले घर उपलब्ध कराने का लालच दिया गया, इसके पश्चात जिन निवेशकों/ ग्राहकों द्वारा पैसा लगाया गया, उन्हें निर्धारित समय के भीतर फ्लैटों का कब्जा न दिए जाने की स्थिति में उनके द्वारा दिए गए निवेश की मूल राशि ब्याज सहित लौटाने की गारंटी दी थी।

कर्नाटक से की गई गिरफ्तारी
इसके बाद आरोपियों ने निवेशकों / ग्राहकों की जमा राशि स्वीकार कर ली और उन्हें विश्वास दिलाने के लिए उन्होंने फ्लैटों का रजिस्टर्ड विक्रय अनुबंध बनाकर फर्जी व झूठे दस्तावेजों के आधार पर एक ही फ्लैट को कई ग्राहकों को बेचकर धोखाधड़ी की थी।
मामले में अर्नाला सागरी पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी राजू की तलाश के लिए अपराध शाखा 3 की अलग-अलग टीम तैयार की गई। आरोपी को मरिअप्पाना पाठीया नगर, कंगेरी, बंगलुरु, कर्नाटक से हिरासत में लिया।
शुरूआती जांच में अलग-अलग गृहनिर्माण कंपनी की स्थापना कर उसके माध्यम से लगभग 150 लोगों से 30 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। आरोपी को वित्तीय अपराध शाखा को सौंप दिया गया है। उक्त आरोपी को जांच के लिए 2 नवंबर तक पुलिस हिरासत में रखने की मंजूरी मिली है।


