भायंदर (सं. भा.)। कहा जाता है कि पुत के पांव पालने मे ही नजर आ जाते है कि वो भविष्य मे कितना होनहार होगा। इसी को ध्यान मे रखते हुए भायंदर मे बच्चों के लिए आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता मे बड़ी संख्या मे बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। नाकोड़ा मानव फाउंडेशन की तरफ से चित्रकारी स्पर्धा का आयोजन किया गया, जिसमें २२० बच्चों ने हिस्सा लिया। संयोजक महेंद्र जोधावत ने बताया कि स्पर्धा को तीन आयुर्व्ग प्रकश: ३ से ५ वर्ष, ६ से १० व ११ से १६ वर्ष में बांटा गया था? चित्रकारी का विषय था पानी बचाओ, पक्षियों को खुला छोड़ो तथा फल-सब्जियों।
फाउंडेशन हर वर्ष कई तरह का आयोजन करता है, जिनमें दो प्रतियोगिता बच्चों के लिए चित्रकारी की होती है। चित्रकारी में प्रथम आए बच्चों को महापौर ज्योत्सना हसनाले के हाथों गोल्ड मेडल, ट्राफी व सर्टिफिकेट दिया गया। कार्यक्रम में कैप्टन शर्मा, पुलिस अधिकारी मंगेश कड, हरिश प्रकाश जैन, एकता कोठारी व समाजसेवी आनंद मिश्रा उपस्थित थे। जोधावत ने कहा कि बच्चों के भीतर छुपी प्रतिभा को उभारना हमारा उद्देश्य है। बच्चे देश के भविष्य है और इन्हें संवारना, सहेजना हमारा उत्तरदायित्व है। भारत को युग गुरु बनाने का यह छोटा सा प्रयास है।


