मुंबई (सं.भा.): मॉनसून की दस्तक से पहले मुंबई में नाला सफाई के काम को लेकर किए जा रहे दावों की सच्चाई तकनीक की कसौटी पर सामने आ गई है। बीएमसी द्वारा पहली बार बड़े पैमाने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी व्यवस्था लागू किए जाने के बाद सफाई कार्यों में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जांच में सामने आई खामियों के आधार पर बीएमसी ने विभिन्न ठेकेदारों पर 9 करोड़ 25 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है।
बीएमसी प्रशासन ने नाला सफाई के प्रत्येक चरण को डिजिटल रूप से रिकॉर्ड करने की व्यवस्था लागू की थी। ठेकेदारों को कार्यस्थल के फोटो, वीडियो और अन्य प्रमाण ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य किया गया था। AI प्रणाली द्वारा इन रिकॉर्ड्स की जांच के दौरान कई मामलों में एक जैसी तस्वीरों का बार-बार उपयोग, अधूरे दस्तावेज, वाहनों के रिकॉर्ड में विसंगतियां और कार्य से जुड़े पर्याप्त डिजिटल प्रमाणों का अभाव पाया गया। इसके अलावा कई स्थानों पर आवश्यक संसाधनों और सुरक्षा मानकों का भी पालन नहीं किया गया।
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार तकनीकी जांच, डिजिटल विश्लेषण और मौके पर किए गए निरीक्षण के बाद यह कार्रवाई की गई है। सबसे अधिक अनियमितताएं छोटे नालों की सफाई में सामने आईं, जबकि बड़े नालों और मीठा नदी से जुड़े कार्यों में भी खामियां पाई गईं। प्रशासन का कहना है कि मॉनसून के दौरान जलभराव की समस्या को रोकने के लिए सफाई कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी AI आधारित निगरानी के जरिए जवाबदेही तय की जाएगी।


