लखनऊ (सं.भा.): उत्तर प्रदेश विधान परिषद के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के रवैये पर कड़ी टिप्पणी करते हुए संवैधानिक पदों के सम्मान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के समय हुए हंगामे का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे अशोभनीय और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और भावी योजनाओं का आधिकारिक दस्तावेज होता है, जिसका सम्मान सभी दलों का दायित्व है। उन्होंने विपक्ष के आचरण की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने के भी निर्धारित और मर्यादित तरीके होते हैं।
अपने संबोधन में सीएम योगी ने किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं, कृषि विकास दर में सुधार और तकनीकी नवाचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अन्नदाता की आय बढ़ाना और आधुनिक खेती को प्रोत्साहन देना है। एफपीओ, प्राकृतिक खेती और ड्रोन जैसी पहलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं।
मुख्यमंत्री ने गोवंश संरक्षण के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि इस दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किया गया है, जिससे प्राकृतिक खेती और डेयरी सेक्टर को मजबूती मिली है। साथ ही, कानून-व्यवस्था पर सरकार की सख्ती दोहराते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सुशासन सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीएम योगी ने अंत में कहा कि सरकार विकास, सुरक्षा और जनकल्याण के एजेंडे पर निरंतर कार्य कर रही है, और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।


