- बंद करने का नोटिस दिए जाने के बाद भी चालू है प्लेटिंग के कारखाने
- महाराष्ट्र प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड का अजीब तमाशा
- बोर्ड के अध्यक्ष व सचिव नही देते हैं मिलने का समय
मुंबई (सं. भा.)। संजय गांधी नेशनल पार्क से निकलने वाली पोयसर नदी का पानी एक जमाने में इतना साफ हुआ करता था कि इसमें फिल्मों के गाने फिल्माए जाते थे। बदलते समय के साथ बीएमसी और महाराष्ट्र प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार के कारण पोयसर नदी के किनारों पर बेतहाशा अतिक्रमण हुआ। हजारों अवैध झोपड़े बस गए। पोयसर नदी के सबसे ज्यादा प्रदुषित होने का मुख्य कारण है नदी किनारे बने झोपड़ों में चलने वाले प्लेटिंग कारखाने।

कांदिवली पश्चिम स्थित एकता नगर के गल्ली नंबर २, ३, ४, ५, ६, ७, ८, ९ के झोपड़ों में चलने वाले प्लेटिंग कारखानों से ऐसीड युक्त पानी सीधे पोयसर नदी में ही जाता है। इसी मुद्दे को लेकर ‘परिवर्तन फाउंडेशन’ संस्था के माध्यम से अध्यक्ष राजकिशोर तिवारी ने महाराष्ट्र प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड से कई बार लिखित शिकायत किया। आश्चर्य की बात यह है कि इस शिकायत के बाद प्लेटिंग कारखानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तो नही हुई। इतना जरुर हुआ कि प्लेटिंग कारखाने वालों को कारखाना बंद करने का नोटिस थमा कर उनसे हफ्ता वसूली की रकम बढ़ा कर लिया जाने लगा हैं। महाराष्ट्र प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड का एक अजीब तमाशा यह भी है कि बोर्ड के अध्यक्ष और सचिव लाख कोशिश के बाद भी मिलने का समय नही देते हैं।
गौरतलब है कि कांदिवली पश्चिम, गणेश नगर से सटे एकता नगर आदी क्षेत्र प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड में उप प्रादेशिक अधिकारी के पद पर विराजमान अच्युत नंदवटे के मातहत आता है। इनका मुख्य काम प्रदुषण को निंयत्रण करना है पर शिकायत करने के बाद इन्होंने प्लेटिंग कारखाना मालिकों को दिखावे के लिए नोटिस थमा दिया है। यह नोटिस प्लेटिंग कारखाना बंद करने के लिए दिया गया है पर कोई भी कारखाना अब तक बंद नहीं हुआ है।
नंदवटे के मातहत काम करने वाले शिवानंद नामक अधिकारी उन नोटिसों के एवज में कारखाना मालिकों से पैसा वसूली करने का काम कर रहा है।

सूत्रों कि माने तो उप प्रादेशिक अधिकारी अच्युत नंदवटे को एक आईएएस अधिकारी का आशीर्वाद प्राप्त है। महाराष्ट्र के इस पावरफुल आई ए एस अधिकारी के आशीवार्द के कारण ही नंदवटे के खिलाफ महाराष्ट्र प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में कोई कुछ भी बोलने या बताने से डरता है। इतना ही नही उसी आई ए एस अधिकारी के आशीवार्द से नंदवटे इसी कार्यालय में वर्षों से विभिन्न पदों पर बैठ कर भ्रष्टाचार की मलाई काट रहे हैं।


