मुंबई (सं. भा.)। कभी ठेकेदार बनकर मालाड पश्चिम के मढ़ परिसर मे अवैध निर्माण करने वाले विरेंद्र चौधरी संजोग से नगरसेवक क्या बने अपने आप को इससे भी उपर समझने लगे है। कांग्रेस के गढ़, वार्ड क्रमांक ३३ मे पिछले मनपा चुनाव मे आरक्षित वार्ड होने के चलते संजोग से टिकट मिल गया और विधायक असलम शेख कि छवि के चलते नगरसेवक भी बन गए लेकिन इस पद मिलने के बाद उनके विचार मे भी बदलाव आ गया। जो कार्यकर्ता उन्हे दिन रात एक कर पसीना बहाए और जीता कर लाए आज उन्ही का शोषण किया जा रहा है। जिसके चलते कार्यकर्ताओं मे ही नही नेताओं मे भी नाराजगी देखी जा रही है। एक कांग्रेसी कार्यकर्ता ने नाम न छपने के शर्त पर बताया कि चौधरी इस परिसर मे कांग्रेस की छवि धुमिल कर रहे है। अवैध निर्माण धड़ल्ले से करा रहे है। मनपा इंजिनियर दीपक शर्मा से सांठ गांठ करके कलेक्टर की जमीन हड़पवाने का काम कर रहे है। यहीं नही लगभग आधा दर्जन लड़कों को वार्ड मे वसूली पर लगा रखा है। जिसमे एक ठेकेदार अनिल तिवारी बताया जाता है। यही नहीं वसूली इस कदर की जा रही है कि कांग्रेसी कार्यकर्ताओंका भी घर तोड़ दिया जा रहा है। अनिल तिवारी अपने अवैध निर्माण को बचाने के लिए और अपने विरोधी का अवैध निर्माध तोड़वाने के लिए साजिश और सेटिंग करता है। पानी सर से उपर जाता देख यहां के कांग्रेसियों ने इसकी शिकायत कैबिनेट मंत्री असलम शेख से करने की सोची है। उनका कहना है कि हमारी सरकार और हमारा विधायक मंत्री होते हुए हमे प्रताड़ित किया जा रहा है। कुल मिलाकर सारा गुस्सा लोगों का चौधरी कि चौधराहट पर है।


