- चुनाव आयोग पर पक्षपात करने का लगाया आरोप
ठाणे (सं. भा.) विधानसभा चुनाव में महाविकास आघाड़ी को मिली करारी शिकस्त को लेकर कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार किया है। कांग्रेस का मानना है चुनाव आयोग के पक्षपात की वजह से महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में महायुति के उम्मीदवारों की जीत हुई है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर ठाणे जिला कांग्रेस की तरफ से राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर विरोध प्रदर्शन किया गया। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि आयोग भाजपा के लिए काम कर रहा है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने ईवीएम के स्थान पर बैलट पेपर पर चुनाव कराने की मांग की है। ठाणे में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के प्रदेश कार्याध्यक्ष मोहम्मद आरिफ (नसीम) खान, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश शर्मा एवं ठाणे शहर जिला अध्यक्ष विक्रांत चव्हाण ने किया। प्रदर्शन में शामिल पार्टी पदाधिकारी डॉ. जे बी यादव हिंदूराव गालवे, राहुल पिंगले, सुरेश ठाणेकर, अनीस कुरैशी, रमेश इंदिसे, अमरनाथ गुप्ता, रजनी पांडेय सहित अन्य कार्यकर्ता चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे विरोध प्रदर्शन के बाद आयोजित पत्रकार परिषद में पार्टी के कार्याध्यक्ष नसीम खान ने कहा कि नवंबर 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव हुए जिसके परिणाम समझ से परे, आश्चर्यजनक, अविश्वसनीय और कुछ हद तक भ्रमित करने वाले साबित हुए हैं।

चुनाव में की गई बड़े पैमाने पर धांधली
उन्होंने कहा कि राज्य में राजनीतिक स्थिति सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति के विरुद्ध थी। 6 महीने पहले ही सत्तारूढ़ पार्टी लोकसभा चुनाव में हार गई थी एवं महाविकास आघाड़ी ने शानदार जीत हासिल की थी। नसीम खान ने कहा कि कोई भी यह विश्वास नहीं कर सकता था कि यह तस्वीर सिर्फ 6 महीने में पूरी तरह बदल सकती है। मतदाता सूची में धांधली की शिकायत चुनाव आयोग से करने के बावजूद इसे नजरअंदाज किया गया। फिर चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली की गयी।
मतदान केंद्रों पर लगाए गए थे सीसीटीवी
नसीम खान ने सवाल किया कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच 6 महीने में 50 लाख वोट कैसे बढ़ गए? मतदान के दिन शाम 5 बजे घोषित मतदान प्रतिशत और अगली सुबह चुनाव आयोग द्वारा घोषित मतदान प्रतिशत के बीच बहुत बड़ा अंतर होता है. इससे भी 76 लाख वोटों की वृद्धि हुई है। सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इसलिए जब कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची में गड़बड़ी और रात के अंधेरे में जोड़े गए 76 लाख वोटों के सबूत मांगे तो आज तक यह जानकारी नहीं दी गई।
विधानसभा के चुनाव में हुआ फर्जीवाड़ा
नसीम खान ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराना चुनाव आयोग का कर्तव्य है। यह संवैधानिक संस्था स्वायत्त है, लेकिन मोदी सरकार ने सभी संवैधानिक संस्थाओं में हस्तक्षेप किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा चुनाव आयुक्त राजीव कुमार भाजपा कार्यकर्ता की तरह व्यवहार कर रहे हैं और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नहीं हुए। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को संदिग्ध बताते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव और उसके 6 महीने बाद हुए विधानसभा चुनाव में मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा हुआ।


