फतेहपुर (सं. भा.) : कोरोना महामारी संक्रमण के दौरान अधिकांश लोगों में ओक्सिजन की कामी यानी फेफड़े में संक्रमण के करण उन्हें सांस लेने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। कृत्रिम ओक्सिजन उप्लब्ध करा कर बहुतांश लोगों की जान बचाने की कोशिश की गई। पेड़ों द्वारा प्राकृतिक रुप से मनुष्य को ओक्सिजन मिलता है, इसके बावजूद मनुष्य इसे लगाने (रोपने) के प्रति हमेशा से उदासीन रहा है। कोरोना के कारण अब इसकी महता आम लोगों को पता चला है। ऐसा मुख्य अतिथि सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी (ABSA) अनीता सह ने विकास खंड खजुआ के रावतपुर गांव के पास बने एस एस डी कॉन्वेंट स्कूल प्रांगण में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान कहा। स्कूल प्रबंधक शैलेंद्र पाण्डेय, परिवर्तन फाऊंडेशन के अध्यक्ष राजकिशोर तिवारी, पूर्व मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह चौहान, हिंतापुर प्रधान प्रतिनिधि धरवेश सिंह, महत्मा गांधी इंटर कॉलेज के प्रबंधक राकेश शास्त्री की उपस्थिति में बुधवार 14 जुलाई 2021 को सुबह 11 बजे की करीब वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न हुआ। ABSA अनीता साह ने आगे कहा कि कोरोना ने न सिर्फ हमें पृकृति से जोड़ने का काम किया है बल्कि आधुनिक सुविधाओं मसलन एनरॉड फोन व इन्टरनेट के माध्यम से विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ने का जरिया भी प्रदान किया है।
इन्होने इस अवसर पर प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में एक पेंड़ लगाने और अभिभावकों से बच्चों के पढ़ाई के प्रति गंभीरता से ध्यान देने की अपील की। साह ने परिवर्तन फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की भूरी भूरी प्रशंसा भी की। परिवर्तन फाउंडेशन के अध्यक्ष राजकिशोर तिवारी ने कहा की पेड़ लगा देना और फोटो खीच कर सोशल मीडिया पर डाल देना यह चलन इन दिनों जोर पकड़ा है। जबकि व्यक्ति की यह जिम्मेदारी होनी चाहिए कि पेड़ लगाने के बाद वह सुखे नही और हरा भरा कैसे रहे इसको लेकर सचेत रहना चाहिए। एस एस डी कॉन्वेंट स्कूल के प्रबंधक शैलेंद्र पांडेय ने भी वृक्षारोपण ज्यादा से ज्यादा किए जाने पर जोर दिया। इस अवसर पर शतेंद्र सिंह, संतोष कुमार, राजेश सिंह सहित दर्जनों लोग कार्यक्रम में उपस्थित रहे।


