मुंबई (सं.भा.सं.)। कांदिवली पश्चिम के चारकोप गांव स्थित सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से चालियां बना कर घर बेचने का मामला तूल पकड़ता जा रहा हैं। मनपा आर/साऊथ विभाग जहां मामले को अदालत में लंबित बताकर कार्यवाई करने से अपनी हाथ खड़े कर दिए है। वहीं बिना स्टाँम्प ड्यूटी भरे सिर्फ एग्रीमेंट पर अवैध बनी चालियों के घर बेचे जा रहे हैं। जिसकी शिकार गरीब व कम पढ़ी लिखी भोली भाली जनता बन रही हैं।
जानकारी के अनुसार चारकोप गांव में वार्ड क्रमांक १९ के अर्तगत कोरा केंद्र विभाग की सैकड़ो एकड़ सरकारी जमीन खाली पड़ी हैं। जिसका कुछ हिस्सा चारकोप गांव स्थित डिगेश्वर मंदिर के पास मौजूद हैं। लोगों का आरोप है कि यहां का पाटिल परिवार इन जमीनों पर मनपा और पुलिस अधिकारियों से मिली भगत कर कब्जा जमाये हुए हैं। इस जमीन पर कई अवैध चालें बना कर उसमें सैकड़ों रुम का निर्माण किया गया हैं। जिसे १० से १५ लाख में लोगों को बेचा जा रहा हैं। बताते हैं कि इसका मास्टर माइंड संजू पाटिल अपने सहयोगियों के साथ बिना स्टाँम्प ड्यूटी भरे सिर्फ एग्रीमेंट पर घरों की बिक्री कर रहा हैं। कई सामाजिक संगठनों ने सरकारी भूखण्ड के हडपने का मामला दिंडोसी सेसन कोर्ट में उठाया हैं। सामाजिक संस्था परिवर्तन फाउंडेशन को दिये गये लिखित जवाब में मनपा ने कहा है कि हमने कलम ३५४ ए के तहत कार्रवाई की थी। लेकिन मामला अदालत में होने से हमें अदालत के फैसले का इंतजार हैं। लेकिन यहां सवाल यह उठता है कि जब मामला अदालत में है तो अवैध निर्माण जारी कैसे हैं। और इनकी बिक्री कैसे हो रही हैं। कानून के जानकारों के अनुसार बिना स्टाँम्प ड्यूटी भरे संपती का बेचना या खरीदना अपराध हैं। इससे सरकार से टैक्स चोरी का मामला बनता हैं। परिवर्तन फाउंडेशन सरकारी जमीन के इस महाघोटाले में पुलिस, नेता और मनपा के साथ चाल माफियाओं की भूमिका को हाई कोर्ट में उठाने जा रहा हैं। जिससे सब की पोल खुल जाएगी।


