मुंबई (सं.भा.)। गलत काम करने पर किसी व्यक्ति को जेल इस लिए भेजा जाता है कि बुरे काम से तौबा कर ले और उसमें सूधार हो। कुछ ऐसे भी लोग हैं जो जेल जाने के बाद भी नहीं सुधरते। उन्हीं लोगों में से एक है देवी प्रसाद वर्मा। खारोड़ी के अली तलाव के पास सरकारी जमीन को अवैध तौर पर कब्जा करने के आरोप में मालवणी पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ ना सिर्फ एफ आई आर दर्ज किया गया था बल्कि उस दौरान जेल भी जाना पड़ा था। इस के बावजूद उस में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। इन दिनों राथोड़ी गांव के पीछे वर्मा ने जमीन खरीदी है जिसमें दर्जनों विभिन्न प्रकार के पेड़ मौजूद थे और हैं। मनपा पी उत्तर विभाग के गार्डेन डिपार्टमेंट की मिलीभगत से वर्मा इन दिनों अपनी जमीन में खड़े हरे भरे पेंड को केमिकल डाल कर सुखाने और उन्हें काटने का काम दिन दहाड़े करता दिखाई देता है। जिस जमीन पर पेंड काने का काम शुरु है उक्त जमीन का सर्वे नंबर १३, हिस्सा नंबर ४२, भू. व. २४८२ है। उसके इस करतूत को लेकर २२.०९.२०१८ को मालवणी पुलिस ने मनपा के गार्डेन विभाग की शिकायत पर एफआईआर भी दर्ज किया है। चौकाने वाली बात यह है कि उक्त एफ आई आर में देवीप्रसाद वर्मा के नाम का कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया है। उसमें सिर्फ जमीन का सीटीएस नंबर और सर्वे नंबर डाल कर छोड़ दिया गया है। ऐसा इस लिए किया गया है क्योकि वर्मा ने जो जमीन खरीदी है सात बारह और छह बारह में उसका नाम नहीं है। ऐसे में एफ आई आर होने के बावजूद वर्मा पर कोई आंच नही आती है। यह सब मनपा पी उत्तर विभाग के गार्डेन विभाग के अधिकारियों में उसकी पहुँच के कारण ही किया गया है।
बता दें कि रविवार को भी वर्मा अपनी जमीन पर पेड़ को काट कर उसे जलाने का काम कर रहा था। शिकायत के बाद मालवणी पुलिस के पुलिस उपनिरीक्षक साबले वहां पहुँचे थे। उनका कहना है कि वर्मा ने सुखे हुए पेड़ के काटने का परमीशन मनपा से लिया है इस लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। सोचने वाली बात यह है कि २२.०९.२०१८ को मनपा के जिन पेड़ों को काटने के लिए एफ आई आर दर्ज कराया था अब उसी तरह के दूसरे पेड़ों को काटने का आदेश कैसे दे सकती है।


