मुंबई (सं. भा.) वेस्टर्न रेलवे पर एसी लोकल की मांग लगातार बढ़ रही है। मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली आम लोकल के साथ अब एसी लोकल सेवा लोकप्रिय हो गई। है। मुंबईकरों को सुरक्षा के साथ-साथ कूल-कूल यात्रा सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 25 दिसंबर, 2017 को पहली एसी लोकल का संचालन शुरू किया गया। इस समय पश्चिम रेलवे पर एसी लोकल की 79 सर्विस चल रही है। बताया गया कि पिछली जनवरी माह में पश्चिम रेलवे की एसी लोकल से लगभग 25 लाख लोगों ने यात्रा की। सुबह शाम पीक आवर में आम लोकल के साथ एसी लोकल में भारी भीड़ हो रही है। यात्रियों की बढ़ती संख्या और डेटा को देखते हुए एसी सर्विस में बदलाव भी आवश्यक हो गया है। पश्चिम रेलवे के अनुसार आने वाले समय में 40 एसी रेक की आवश्यकता है। एसी लोकल यात्रियों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गई हैं।
भायंदर से शुरू करने की मांग:
चर्चगेट से विरार और बोरीवली के बीच एसी लोकल का संचालन होता है इसी तरह सुबह शाम भायंदर व अन्य बड़े स्टेशनों से एसी लोकल छोड़ने की मांग हो रही है भायंदर मीरा रोड स्टेशनों से सुबह शाम यात्रियों की भारी भीड़ एसी लोकल में होती है। मीरा रोड रोजाना यात्रा करने वाले यनस शेख ने बताया कि विरार से आने जाने वाली एसी लोकल फुल रहती है। रोजाना चढ़ने उतरने को लेकर यात्रियों में झगड़ा होता है।
हो रहा अध्ययन
एसी लोकल में हो रही भीड़ को लेकर रेल अधिकारियों का कहना है कि कम्यूटर पैटर्न और भीड़ के आधार पर एसी ट्रेन सेवाओं को बदलने पर काम किया जा रहा है। अब ज्यादा एसी लोकल सेवाओं की जरूरत है, लेकिन अभी तक नए रेक उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों बोरीवली एसी लोकल की सुबह की सर्विस हटा दिए जाने का विपरित असर हुआ। इससे यात्री काफी नाराज हो गए। एसी लोकल की ज्यादा सर्विस शुरू होने पर फर्स्ट क्लास के नियमित यात्रा करने वाले यात्री एसी लोकल को वरीयता दे रहे हैं।

नई समय-सारणी पर काम
बताया गया कि पश्चिम रेलवे के जीएम अशोक कुमार मिश्र के निर्देश एसी लोकल के लिए नई समय-सारणी बनाए जाने पर काम हो रहा है, ताकि अधिक यात्रियों को इसका लाभ मिल सके ।
वैसे जब तक नए रेक नहीं मिल जाते तब तक एसी लोकल की भीड़ कम नहीं होगी। मुम्बई की आम लोकल में भी अब कोरोना के पहले की तरह भीड़ होने लगी है।
सीजन पास पर यात्रा करने वाले हजारों
मध्य रेलवे की अपेक्षा पश्चिम रेलवे पर एसी लोकल की ज्यादा मांग बढ़ी है। सीजन पास पर यात्रा करने वालों की संख्या भी हजारों में है।


