मुंबई (चरसी सिंह)। स्थानीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लालजी दुबे, ठा. जयशंकर सिंह, आर.एन.दुबे, समद्खान व शकील खान ने अपनी घटती राजनैतिक लोकप्रियता से क्षुब्ध होकर अपने पदों व पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर ‘सन्यास’ लेने की घोषणा की है। यह घोषणा उक्त नेताओंने गणेश नगर में ठा. जयशंकर सिंह के नेतृत्व में ९ मार्च को आयोजित ‘होली स्नेह सम्मेलन’ के दौरान सामूहिक रुप से की है।


उक्त नेताओं के पारिवारिक सूत्रों से खबर मिली है कि लालजी दुबे के नेतृत्व में हरिद्वार जाकर सभी अपना एक नया ‘धर्म’ बनायेंगे तथा सनातन धर्म से अलग-थलग नया ‘मठ’ स्थापित करेंगे! हलांकि आमदार असलम शेख ने उन्हें मनाने के भरपूर प्रयास किये है किंतु किसी ने उनकी एक भी बात नहीं मानी है। ऐसा लग रहा था कि आमदार की बातें जैसे कोई सुन ही नहीं रहा था। दिलजला कंट्रीबार के मालिक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि आमदार शेख की बात न मानने का कारण, उनका खुद चुनावी टिकट हड़प लेना तथा अपने वफादारों को नजरंदाज करना रहा है। इसी कारस्तानी को लेकर उक्त नेता नाराज रहे हैं। यही नहीं अपने नारी सुलभ आकर्षण का उपयोग कर मनाने आई हुई प्रख्यात समाज सेविका व कांग्रेस नेत्री श्रीमती वीणा सिंह के भी नाज- नखरे नाकामयाब रहे हैं।
हलांकि लालजी दुबे एण्ड कंपनी के ‘सन्यास’ की घोषणा से सारा मुंबई भले ही शोकाकुल हो, किंतु इन नेताओ के परिवार वालों ने मूसलों ढोल बजाई है तथा होलिका दहन की वेदी पर कि्ंवटलों देशी घी, भांग-गांजा, दशांग, कपूर व सैकड़ों लीटर कंट्री डाल कर होलिका दहन किया है। उनका कहना है कि उक्त नेता राजनीति में कभी कामयाब नहीं हुए हैं। न आम के न गुलफाम के! (बुरा न मानो होली है।)


