चट कर जाएगा लार्वा
मुंबई (सं. भा.) : देश की अर्थिक राजधानी मुंबई अब भी मलेरिया या डेंग्यू जैसी घातक बिमारियों के खौफ से पूरी तरह उबरा नही है। इस बार मलेरिया फैलाने वाले मछरों के डंक से लोगों को बचाने के लिए बीएमसी ने गंबूसिया मछली की फौज तैयार की है। यह मछलियाँ मलेरिया के मछरों के लार्वा को चट कर जाएंगे।
गौरतलब है कि मुंबई में कोरोना के मामलों में कमी आई है लेकिन मलेरिया, डेंग्यू का खौफ अब भी कायम है। मानसून का मौसम आते ही मलेरिया और डेंग्यू का कहर शुरू हो जाता है। मुंबईकरों की परेशानी बढ़ाने वाले मलेरिया और डेंग्यू के मच्छरों से निपटने के लिए बीएमसी ने भी तैयारी शुरू कर दी है। बीएमसी का कीटनाशक विभाग एक तरफ दवाओं के छिड़काव पर ध्यान दे रहा है वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में तैयार की गई गंबूसिया मछली भी फौज को भी पानी में छोड़ने की तैयारी में है। गंबूसिया मछली मच्छरों के लार्वा को पानी में ही खा जाती है। मानसून के समय मलेरिया और डेंग्यू के मच्छरों का आतंक को लेकर मुंबईकर भी सतर्क हो जाते हैं। बीएमसी भी एक साल की उपाय योजना तैयार करती है। मानसून से पहले और मानसून में बीएमसी मच्छरों से निपटने की मुहिम तेज कर देती है। इसमें लार्वा को नष्ट करने का साप्ताहिक कार्यक्रम चलात है। बरसात के समय जगह जगह जम स्वच्छ पानी में मच्छर अंडे देते हैं ज लार्वा में बदल जाते हैं और बाद में मे मच्छर में परिवर्तित हो जाते हैं। इन मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए बीएमसी कंस्ट्रक्शन साइट, इमारतों, गटर में कीट दवाओं का छिड़काव करती है।
मुंबई के अनेक इलाकों में अब भी कुएं मौजूद हैं। खुली पानी की टंकियों के पानी में गंबूसिया मछली को छोड़ दी जाती हैं। कीटनाशक विभाग के प्रमुख राजन नरिंग्रेकर ने बताया कि बड़ी संख्या में गंबूसिया मछली को तैयार किया गया है। मानसून के समय इसका प्रयोग मच्छरों को नष्ट करने में किया जाएगा।


