- पूर्वी व पश्चिमी उपनगर को जोड़ने के लिए बनेगी सड़क
मुंबई (सं. भा.) मुंबई में बढ़ते वाहन और सिमटती सड़कों के कारण चलना दूभर हो गया है। बीएमसी ने इसके लिए बजटीय प्रावधान किया है। यातायात व्यवस्था सुगम बनाने के लिए पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों को जोड़ने के लिए नई सड़क बनाने का काम किया जा रहा है। इसके तहत गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड का काम शुरू किया गया। वर्तमान में सड़क निर्माण में बाधा बने निर्माणों को हटाया जा रहा है। जीएमएलआर को पूरा करने के लिए बजट में 1060 करोड़ रुपए दिए गए हैं।
दैनिक कचरा कलेक्शन कम करने पर जोर: मुंबई में कचरे का प्रबंधन दैनिक आधार पर करना चुनौतीपूर्ण है। मुंबई में प्रतिदिन 10,000 मीट्रिक टन कचरा जमा होता था। मनपा अब इस कचरे की मात्रा को कम करके 6,500 मीट्रिक टन लाई है। कचरे को देवनार, कांजुरमार्ग ग्राउंड में प्रतिदिन निस्तारण किया जाता है। कचरे की समस्या को दूर करने के लिए विभिन्न उपाय योजना को पूरा करने 366.50 करोड रुपए का प्रावधान किया है। इससे दैनिक कचरा कलेक्शन को कम किया जाएगा। मुंबई में सौंदर्यीकरण के 1200 नए कामः मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आदेश पर इस वर्ष मुंबई के सौंदर्यीकरण के लिए आयुक्त बजट में 1729 करोड़ का प्रावधान किया है। समुद्री किनारा, गेटवे ऑफ इंडिया, सड़क के चौक, गार्डन, पुलों के नीचे के स्थान, पार्क, फुटपाथ आदि सौंदर्यीकरण का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। 552 जगहों पर कार्य चल रहे हैं। बजट में प्रस्तावित राशि केवल मार्च तक है। अप्रैल से सौंदर्यीकरण के 1200 नए काम शुरू करेगी। उसके लिए अलग से बजट का प्रावधान किया जाएगा।

समुद्र का पानी मीठा बनाने को प्राथमिकता
बीएमसी ने गारगाई पिंजाल परियोजना के बदले समुद्र के पानी को मीठा बनाने की योजना को प्राथमिकता दी है। मुंबई में प्रतिदिन 3,850 करोड़ लीटर जलापूर्ति की जा रही है जो पर्याप्त गई है।
मुंबई को रोजाना 5 हजार करोड़ लीटर पानी की आवश्यकता होती है। मुंबईकरों की प्यास बुझाने के लिए मनोरी में समुद्र के पानी को मीठा करने का प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है।
इस परियोजना के लिए बीएमसी ने बजट में 200 करोड़ प्रावधान किया है। पहले चरण में रोज 200 एमएलडी पानी मिलेगा। भविष्य में इसे बढ़ाकर 400 एमएलडी तक किया जाएगा।
समुद्र में गंदे पानी को रोकने प्रोसेसिंग सेंटर मुंबई में नालों के जरिए जा रहे गंदे पानी से पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंच रहा है।
इसे रोकने के लिए 7 स्थानों पर प्रोसेसिंग सेंटर शुरू किया जाएगा। जहां इस पानी को प्रोसेसिंग कर स्वच्छ पानी का उपयोग दूसरे कार्यों के लिए किया जाएगा।
इससे मुंबई को आपूर्ति होने वाले कुल पानी में से 200 करोड़ लीटर की बचत हो जाएगी। वर्तमान में आपूर्ति होने वाले पानी का केवल 7% पानी ही पीने के उपयोग में किया जाता है..


