- जलजमाव का बना कारण
नालासोपारा (सं. भा.) वसई-विरार में नालों पर हो रहे अवैध निर्माण के कारण मामूली बारिश में भी जलजमाव होने लगाता है। पंपिंग सेट की मदद से पानी की निकासी की जाती है। इसके बाद भी नालों पर हो रहे अतिक्रमणों पर कार्रवाई नहीं हो रही। गुरुवार को हुई एक घंटे की बारिश से सड़कों पर पानी भर गया। इसके पीछे जो कारण बताया जा रहा है वह नालासोपारा पश्चिम में जारी बिल्डिंग निर्माण। खुदाई के दौरान निकलने वाला मलबा और मिट्टी यहां के नाले में डाला जा रहा है, जिससे उसकी चौड़ाई कम हो रही है और पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है।

बता दें कि नालासोपारा पश्चिम में समेल पाहा श्मशान के पास नाले से सटकर एक बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है। यह विरार पूर्व और पश्चिम का मुख्य नाला है। यह नाला सीधे खाड़ी से जाकर मिलता है। निर्माण कार्य के दौरान खुदाई से निकलने वाला मलबा और मिट्टी इस नाले में फेंके जाने की शिकायत मनपा अधिकारियों से की गई है, लेकिन प्रशासन बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा। यहां से कुछ ही दूरी पर मनपा का प्रभाग (ई) का कार्यालय भी है। शिवसेना से जुड़े सुरेंद्र राज ने बताया कि अधिकारियों की लापरवाही से बिल्डरों ने पहले सरकारी जमीनों पर कब्जा किया। अब यहां के प्राकृतिक नालों और तालाबों पर अतिक्रमण कर रहे हैं। नालों की चौड़ाई कम होने से शहर में अक्सर जलजमाव की स्थिति पैदा होती है। इस संबंध में जब मनपा के संबंधित अधिकारी को फोन किया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।


