शक्तिपीठ की शक्ति से पहलवानों को मिलेगा बल
मुंबई (सं. भा.) शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन के औचित्य को साधते हुए मालाड पूर्व के दफ्तरी रोड स्थित शक्तिपीठ मंदिर परिसर में बनाए गए अखाड़े का उद्घाटन कांदिवली पूर्व के भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की सोच मानवता के साथ-साथ अच्छे संस्कारों की भी है। ऐसे संस्कारों का ऊर्जा केंद्र है भवानी शक्तिपीठ। शक्तिपीठ की शक्ति से यहां अभ्यास करने वाले पहलवानों को बल मिलेगा। कायरतापूर्ण अहिंसा को कोई महत्व नहीं देता, जो व्यक्ति अखाड़े में उतरता है और बल की पूजा करता है, उसकी अहिंसा और नैतिकता को दुनिया में महत्व दिया जाता है। इस अवसर पर शक्तिपीठ के प्रमुख राहुल जाधव गुरुजी उपस्थित थे।

भातखलकर ने नवरात्र में शक्ति उपासना के महत्व पर पर कहा कि सनातन संस्कृति हमें शक्ति की उपासना करने को कहती है, लेकिन कुछ लोग हैं जो कभी भारतीय संस्कृति को नहीं समझ सके और न ही कभी भारतीय चिंतन को समझा। बल, शक्ति का प्रयोग अच्छे कार्य के लिए किया जाता है। यही शक्ति का वास्तविक अर्थ है। इसी विचार को ध्यान में रखकर भवानी अखाड़े के माध्यम से शक्ति पूजा को पुनर्जीवित किया जा रहा है। शक्ति पूजा, अनुष्ठान, नैतिकता भारतीय संस्कृति का मूल विचार है। लक्ष्मी और सरस्वती तभी सुरक्षित हैं जब दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती के द्वार पर खड़ी हों। उन्होंने आगे कहा कि स्वातंत्र्यवीर सावरकर ने भी यही विचार दिया था। कार्यक्रम में खिलाड़ियों ने विधायक भातखलकर की विधायक निधि से बने इस अखाड़े में मल्लखंब और कुश्ती का प्रदर्शन किया। विधायक भातखलकर ने खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके कोचों का भी अभिनंदन किया।


