फतेहपुर (सं. भा.) : धान खरीद में बिचौलियों का वर्चस्व नहीं रुक रहा है। नेफेड खरीद एजेंसी के बनाए गए 17 केंद्रों में बिचौलियों को ही केंद्र की जिम्मेदारी दे दी गई है। ज्यादातर केंद्र व्यापारियों के हाथ में होने से बिचौलियों का प्रभाव बना हुआ है। इन केंद्रों की पड़ताल में जो तथ्य उभरकर आया, वह यह है कि यहां पहुंचने वाले किसानों को परेशान किया जाता है, जिससे मजबूर होकर किसान अपनी उपज को व्यापारियों के हाथ बेच देता है, फिर यही व्यापारी उस केंद्र पर सरकारी मूल्य पर धान बेचकर मुनाफा कमाता है। प्रशासन तक ऐसी शिकायत पहुंचने पर जिलाधिकारी ने केंद्रों की जांच करने के निर्देश दिए है। नेफेड (राष्ट्रीय कृषि विपणन संघ) के असोथर व खखरेड़ू केंद्र की जांच की जा रही है। पिछले साल भी नेफेड के केंद्रों में गेहूं व धान खरीद में बड़ा खेल पकड़ा गया था। असोथर विकास खंड के जागेश्वर धाम के नाम को केंद्र बुधरामऊ गांव में संचालित है। जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे ने नेफेड के हर केंद्र की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
जागेश्वर धाम, सीर इब्राहीमपुर, साहूपुर, लखपुरा, बहरामपुर, सातो, असोथर कौंडर, हरनवा, बरूहा, छिवलहा, जगतपुर, कूरामंडी किशुनपुर, खखरेड़ू नयापुरवा, बरौरा, मनावा में संचालित हैं। धान खरीद में बिचौलियों की पैठ खत्म करने के लिए जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे पंजीयन निरस्त कराने वाले किसानों पर शिकंजा कसा है। ऐसे किसानों को नोटिस जारी की जा रही है जो पंजीयन निरस्त करा रहे है। यह माना जा रहा है कि सत्यापन में दाल न गलने पर यह पंजीयन निरस्त करा रहे है। पंजीयन निरस्त कराने वाले 39 किसान अकेले असोथर ब्लाक के है।
धान खरीद में नेफेड के जिले में 17 केंद्र संचालित हैं। बिचौलियों को केंद्र प्रभारी बनाए जाने की शिकायत पर सभी प्रभारी के नामों का सत्यापन कराया जा रहा है, बिचौलिये मिले तो कार्रवाई की जाएगी।-अवनीश झा, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी


