मुंबई (सं. भा.) पोईसर नदी चौडीकरण योजना में बाधित हो रहें कांदिवली पूर्व के पोईसर, हनूमाननगर परिसर के सैकड़ों झोपडीधारक को चेंबूर और माहुल भेजने और माहुल के झोपडीधारकों को मुंबई कांदिवली के परिसर में लाने का अन्यायकारक निर्णय से कांदिवली के सैकड़ों परिवार बेहद परेशान है. कांदिवली की प्रकल्प बाधित जनता स्थानीय विधायक से न्याय की गुहार लगाई थी. जिसको लेकर स्थानीय विधायक ने बताया कि यह निर्णय मुंबई के पालकमंत्री आदित्य ठाकरे के दबाव के कारण लिया गया हैं. इस निर्णय के विरोध में भाजपा मुंबई प्रभारी व विधायक अतुल भातखळकर के नेतृत्व में और खासदार गोपाळ शेट्टी, विधायक सुनील राणे के प्रमुख उपस्थिती में हनुमान नगर में धरना आंदोलन किया गया.
आंदोलन के दौरान विधायक अतुल भतखलकर ने बताया कि कांदिवली विधानसभा क्षेत्र में करीब 818 पीएपी का घर होने के बावजूद पालकमंत्री आदित्य ठाकरे ने तुगलकी फरमान सुनाते हुए कांदिवली की जनता को चेम्बूर भेजने का निर्णय दिया है जो बेहद अन्यायपूर्व है. सरकार का यह निर्णय सिर्फ तानाशाही पूर्ण है.जिसका कांदिवली की जनता के साथ मिलकर स्थानीय विधायक अतुल भातखलकर ने जनता को न्याय दिलाए जानेतक आंदोलन करने पर मजबूर है.
विधायक अतुल भातखलकर ने बताया कि कांदिवली वेस्टरण एक्सप्रेस हाईवे स्थित बाल डोंगरी एसआरए प्रोजेक्ट में 100 पीएपी का फ्लैट उपलब्ध है जबकि त्रिवेणी नगर में 64 पीएपी का फ्लैट, अप्पापाड़ा में 584 फ्लैट,संभाजी अकुर्ली रोड 50 फ्लैट के अलावा बाल्मीकि हनुमान नगर में 20 पीएपी के फ्लैट उपलब्ध है लेकिन उसके बावजूद कांदिवली की पोइसर नदी प्रभावित जनता को चेम्बूर और माहुल घर देने की बात सरकार कर रही है. जबकि माहुल के बाधित लोगो को कांदिवली में एसआरए फ्लैट देने की बात कर रही है. सरकार आखिर क्यों कांदिवली कि बाधित जनता को चेम्बूर और माहुल भेज रहे है इसका कारण क्या है। सत्ता में बैठने के बाद ईमानदारी से काम करना पड़ता है.लेकिन सरकार सिर्फ तानाशाही कर तुगलकी फरमान सुना रही है. सरकार से हमने 2011 तक के लोगो को वैध मानकर उनको घर देने की मांग की है.
भातखलकर ने कहा कि आंदोलन हमारा अधिकार है जो हम करते रहेंगे, यह सरकार लातों की भूत है या बातों की भूत है, अगर बातों से नही मानी तो हम लात मारकर भगा देंगे.
सांसद गोपाल शेट्टी ने बताया कि जब हमारी सरकार थी तो हम उनको मिलकर मना लेते थे लेकिन अब अघाड़ी सरकार हमारी समश्या नही सुनती है तो आने वाले दिनों पूरे उत्तर मुम्बई में बढ़ा आंदोलन करेंगे रास्ता रोकेंगे इससे भी काम नही बनता है तो मनपा के अधिकारियो के दफ्तर में घुसेंगे और जनता को न्याय दिलाएंगे.


