सब ऋतुओ मे वसंत ऋतु,
रखता प्रभाव है खासा!
भारत मे तो वसंत ऋतु को,
कहते ऋतुओं का राजा!
फूल खिल जाते हैं,
पंछी चहचहाते हैं!
हवा मे सुगंध और,
मन मे तरंग भर जाते है!
धानी रंग साडी़ पेन्ह,
धरती मुसकाती है!
फसलों को पंख,
बरबस लग जाती है!
सोये अरमानों के,
तार झंकार उठे!
मन मे नवयौवना के,
आसा जग जाता!
भारत मे तो वसंत ऋतु को,
कहते………………….
कोयल की कूक और,
और पपिहा की बोली!
मौसम सुहानाऔर,
आ रही होली!
रंग बिरंग सारे,
फूल खिल जाते हैं!
रंगो की अपनी,
दुकान सब खोली!
आया वसंत ऋतु,
डाला है डेरा!
कलियों के होठ खुले,
ताक रहा भौरा!
कानों मे उनके कुछ,
मन की कह जाता!
भारत मे तो वसंत ऋतु को,
कहते …………………..
अभय चौरसिया!


