- बढ़ेगा रोमांच और पर्यटकों की संख्या
मुंबई (सं. भा.)— संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (नेशनल पार्क), बोरीवली में अब तेंदुआ सफारी शुरू होने जा रही है। इस ऐतिहासिक पहल की जानकारी शुक्रवार को राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक मंत्री एड. आशीष शेलार ने दी।
गौरतलब है कि इस साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर गुजरात से 2-3 वर्षीय शेर और शेरनी की जोड़ी ‘भारत और भारती’ को राष्ट्रीय उद्यान लाया गया था। इन दोनों को एक वर्ष के लिए पालक मंत्री शेलार ने गोद लिया है और उनके पालन-पोषण का खर्च व्यक्तिगत रूप से वहन करेंगे। अपने दौरे के दौरान, मंत्री शेलार ने नेशनल पार्क के हालातों का निरीक्षण किया। इस दौरान उपनगर जिला कलेक्टर राजेंद्र क्षीरसागर, मुख्य वन संरक्षक जी. मल्लिकार्जुन, उपनिदेशक रेवती कुलकर्णी, सहायक वन संरक्षक सुधीर सोनवणे, मुख्य सुरक्षा अधिकारी योगेश महाजन सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

हर साल 2 मिलियन पर्यटक करेंगे रोमांच का अनुभव
वर्तमान में नेशनल पार्क में बाघ और शेर सफारी उपलब्ध है। महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों में पाए जाने वाले तेंदुए के बच्चों को इस पार्क में संरक्षित किया गया है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि सफारी परियोजना की स्थापना पर लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत आने की संभावना है।
मुख्य वन संरक्षक जी. मल्लिकार्जुन ने मंत्री शेलार के समक्ष एक प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें यह बताया गया कि अगर नेशनल पार्क में तेंदुआ सफारी की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, तो पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी, जिससे वन विभाग की आय में भी बढ़ोतरी होगी। इस पर मंत्री शेलार ने सहमति जताते हुए तेंदुआ सफारी परियोजना को जल्द से जल्द शुरू करने की बात कही। इसके लिए आवश्यक निधि वन विभाग और जिला योजना समिति द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने जिला कलेक्टर को इस संबंध में तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
वनकर्मियों के लिए सुरक्षा बीमा अनिवार्य
नेशनल पार्क में 400 से अधिक वनकर्मी कार्यरत हैं, जो प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों में भी अपना कर्तव्य निभाते हैं और जंगली जानवरों के सीधे संपर्क में रहते हैं। यह वनकर्मी गर्मी, बारिश और अन्य मुश्किल हालातों में भी जंगल में गश्त करते हैं। इनमें से अधिकांश जनजातीय समुदाय से आते हैं।
वन विभाग के पास 11 लोगों की एक विशेष टीम भी है, जो मानव बस्तियों में प्रवेश कर चुके जंगली जानवरों को सुरक्षित रूप से पकड़ने का काम करती है। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से, इन वनकर्मियों के लिए अभी तक कोई सुरक्षा बीमा योजना लागू नहीं की गई थी। मंत्री शेलार ने इस विषय पर गंभीरता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुरक्षा बीमा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
तेंदुआ सफारी के शुरू होने से मुंबई के पर्यटकों को एक नया रोमांचक अनुभव मिलेगा और नेशनल पार्क की लोकप्रियता में और वृद्धि होगी।


