सुप्रीम कोर्ट 14 मार्च को करेगी सुनवाई
मुंबई (सं. भा.) महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव का मामला फिर लटक गया है और मानसून बाद होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में फैसला लिया गया कि अब इस मामले में अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी। ऐसे में मानसून से पहले चुनाव कराने को लेकर संदेह है। इस मामले की सुनवाई को लेकर पिछले चार महीने से लगातार तारीख पर तारीख मिल रही है। अब करीब सवा महीने बाद मामले की सुनवाई 14 मार्च को होगी। इससे पहले 7 फरवरी को सुनवाई होनी थी लेकिन उस दिन सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में यह मामला नहीं आया।
स्थानीय निकाय के चुनाव पहले कोरोना संकट और बाद में ओबीसी के राजनीतिक आरक्षण की वजह से होल्ड पर रख दिए गए। को कोर्ट पिछले वर्ष मई से इन चुनावों को कराने पर जोर दे रही है। इसके बावजूद चुनाव लटके हुए है।

सरकार ने किया सुको का रुख
स्थानीय निकायों के चुनाव दो कारणों से लटके हुए हैं। पहल कारण ओबीसी आरक्षण को दी गई हरी झंडी है। हालांकि पूर्व में घोषित 92 नगर परिषदों में इस आरक्षण को पाने के लिए शिंदे फडणवीस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इसके साथ ही नई सरकार ने 4 अगस्त को एक अध्यादेश लाकर महाविकास आघाड़ी काल में वार्ड के ढांचे को लेकर लिए गए फैसले में बदलाव किया था। अब इन सभी मुद्दों पर 14 मार्च को सुनवाई होगी। जानकारों का कहना है कि अगर माविआ सरकार के वार्ड ढांचे को सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिल जाती है तो चुनाव का रास्ता साफ हो सकता है।


