मुंबई (सं. भा.)। कुष्ठ रोग समाज और मानवता के लिए अभीशाप बना हुआ है। अक्सर लोग कुष्ठ रोगियों को हेय दृष्टी से देखते है उनके पास जान तो दुर उन्हें छुना भी पसंद नहीं करते इसके चलते उन्हें रोजगार मिलना तो दुर जीवन बिताना कठीन हो जाता है। ऐसे मे मनपा ने इनकी मदद करने का निश्चित किया है। कुछ रोग से पीड़ित मरीजों को बीएमसी अब हर माह २५०० रुपए आर्थिक महायता राशि देने का निर्णय लिया है। अभी तक १००० रुपए सहायता राशि दी जा रही थी जिसमें १५०० रुपए की वृद्धि की गई है।
बीएमसी वर्ष २०१४ से कुष्ठ रोगियों के लिए आर्थिक सहायता देने की योजना शुरु की थी। पीले राशन कार्ड वाले कुष्ठ रोगियों जिनमें ४० प्रतिशत से अधिक रोग होने का प्रमाण पाया जाता है उन्हें मनपा सहायता राशि उपलब्ध कराती है। कुष्ठ मरीजों को बीएमसी की सहायता राशि पाने के लिए मुंबई में रहने का प्रमाण के तौर पर मुंबई का वेटिंग कार्ड, राशन कार्ड, घर का फोटोपास, बिजली बिल एवं आधार कार्ड आदि में से कोई एक होना अनिवार्य किया गया है। सहायता राशि के लिए आवेदन वालों की उम्र १८ साल निर्धारित की गई है। १८ वर्ष उम्र पूरा करने वाले ४० प्रतिशत से अधिक बीमारी वाले मरीजों को मनपा आर्थिक सहायता देती है।
मुंबई में लगभग ३५० मरीज
कुष्ठ रोग से पीड़ित मुंबई में ३५० मरीज है जिन्हें मनपा सहायता राशि देती है। बीएमसी की स्थायी समिति की गुरुवार को हुई बैठक में आर्थिक सहायता की राशि को १००० रुपए से बढ़ा कर २५०० करने की मंजूरी दे दी है। अब कुष्ठ रोगियों हर माह २५०० रुपए सहायता मिलेगी। बीएमसी का मानना है कि अभी आर्थिक सहायता पाने वालों की संख्या में ५० वृद्धि होगी। कुष्ठ रोगियों को आर्थिक सहायता देने के लिए बीएमसी ने ७० लाख रुपए का प्रावधान किया है।


