वाशिंगटन (अफीम शेख)। दुनियां भर के स्पेस वैज्ञानिकों की आशाओंपर पानी फेरते हुए, अपने मंत्रिपद से इस्तीफा देकर, असलम शेख (विधायक) अमेरिका जाने की तैयारी में जुट गये हैं, क्योंकि अमेरिकी स्पेस सेंटर १० मार्च को रात ११ बजकर एक मिनट पर उन्हें अपने ‘मिशन मंगल’ में बतौर स्पेस लीडर भेजने वाला है। ऐसा ही कुछ संकेत अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी भारत यात्रा के दरम्यान प्र.मं. मोदी को भी दे दिया था। हलांकि मोदी ने यह बात किसी को नहीं बताई थी, किंतु ८ मार्च को महिला रिपोर्टरों की नजर से वह भी नहीं बचे थे।
हमारे संवाददाता अफीम शेख ने वाशिंगटन से एक ईमेल करके उक्त रहस्य का पर्दाफाश किया था। यह भी बताया था कि श्री शेख को ‘नासा’ से एक ईमेल भी भेजा गया था, जिसमें उन्हें स्पेस साइंटिस्टों के लीडर के पद पर ‘नियुक्ति का आदेश दिया गया था। यह नियुक्ति यूं ही नहीं है, बल्कि आमदार शेख के लगातार चुनाव जीतने की कला के कारण, अमेरिकी वैज्ञानिकों को यह विश्वास हो गया है कि आमदार शेख ने चुनाव जीतने की नई तकनीक खोज निकाली है। गोया राष्ट्रपति ट्रम्प को भी इसी वर्ष चुनाव का सामना करना पड़ेगा, इसलिये वह भी आमदार शेख की चुनावी सफलता वाली तकनीक की जरुरत महसूस कर रहे हैं। नासा के वैज्ञानिक यह भी मानते हैं कि आमदार (अब साइंटिस्ट) शेख मंगल पर नई संभावनाएं ढूंढ निकालने में अवश्य कामयाब होंगे!
उनकी अमेरिका यात्रा की खबर पाते ही उनके चाहने वालों में ‘कभी खुशी कभी गम’ का माहौल बना हुआ है। लोग हंसना -रोना दोनों एक साथ कर रहे हैं! उन्हें उनके जाने का दु:ख भी है और आमदार शेख को स्पेस साइंटिस्ट बनने की खुशी भी है। हमारी मदमस्त शुभ कामना भी है कि वह मंगल पर एक और ‘मालवणी’ बसाने में कामयाब होंगे। (बुरा न मानो होली है।)


