ठाणे (सं.भा.) रिक्शा और टैक्सी चलाने वाले गैर-मराठी भाषी ड्राइवरों के लिए अब मराठी बोलना जरूरी होगा। राज्य सरकार की ओर से चलाए गए विशेष भाषा प्रशिक्षण अभियान के बाद परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा के बाद मराठी में सामान्य बातचीत करने में सक्षम नहीं होने वाले चालकों के खिलाफ आरटीओ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि राज्य में व्यवसाय या नौकरी करने वालों का स्थानीय भाषा से जुड़ाव होना जरूरी है।
सरनाईक के मुताबिक, 1 मई से शुरू किए गए अभियान के तहत अब तक एक लाख से अधिक गैर-मराठी भाषी रिक्शा और टैक्सी चालकों ने मराठी बोलचाल का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। राज्यभर में 145 स्थानों पर यह प्रशिक्षण दिया गया। अभियान में मुंबई मराठी साहित्य संघ, राज्य मराठी विकास संस्था और कोकण मराठी साहित्य परिषद के पदाधिकारियों ने सहयोग किया।
मराठी भाषा सिखाने का यह विशेष अभियान 15 अगस्त को समाप्त हो रहा है, जबकि इसका औपचारिक समापन समारोह 17 अगस्त को ठाणे के राम गणेश गडकरी रंगायतन में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और मराठी भाषा मंत्री उदय सामंत सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, 17 अगस्त के बाद उन रिक्शा और टैक्सी चालकों के खिलाफ आरटीओ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी, जो यात्रियों से मराठी में सामान्य बातचीत करने में सक्षम नहीं होंगे। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य यात्रियों और वाहन चालकों के बीच संवाद को आसान बनाना तथा राज्य में काम करने वालों को स्थानीय भाषा से जोड़ना है।


