मुंबई (सं. भा.) फरवरी में ही बढ़ती गर्मी ने मुंबईकरों को बेहाल कर दिया है। पूरा एमएमआर क्षेत्र तप रहा है, और पिछले दो दिनों से अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी के अंतिम सप्ताह में यह 38 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि पालघर में तापमान पहले ही 40.3 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। बढ़ते तापमान से लोगों में चिंता बढ़ रही है कि आने वाले दिनों में गर्मी का असर और भी तीव्र हो सकता है।
मौसम में इस उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी, खांसी और वायरल बुखार के मामले बढ़ रहे हैं। शनिवार को सांताक्रूज में अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री और कोलाबा में 35 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, 2023 में सांताक्रूज में फरवरी का अधिकतम तापमान 37.9 डिग्री और 2020 में 38.4 डिग्री तक जा चुका है।

ठाणे और रत्नागिरी में भी गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है। ठाणे में अधिकतम तापमान 37 डिग्री और रत्नागिरी में 38.4 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा, सोलापुर, परभणी और जलगांव में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि महाराष्ट्र पर बने उच्च दबाव के कारण उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं का प्रभाव कम हो गया है, जिससे तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। स्काईमेट के प्रमुख वैज्ञानिक महेश पलावत के अनुसार, 24-25 फरवरी के आसपास उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो सकता है, लेकिन महाराष्ट्र में इसका खास असर नहीं दिखेगा।
बढ़ती गर्मी से स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। डॉ. अनिल आव्हाड ने लोगों को सलाह दी है कि वे सीधे धूप से आकर ठंडा पानी न पिएं, बल्कि सामान्य पानी का सेवन करें। खासतौर पर डायबिटीज, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। शरीर में सोडियम की कमी न हो, इसके लिए पानी में नींबू, नमक और चीनी मिलाकर पीना फायदेमंद रहेगा।


