मुंबई (सं. भा.) मुंबई की हालत इन दिनों दिल्ली से भी बदतर हो चुकी है कारण कि शहर की हवा बहुत ही खराब हो चुकी है। प्रदूषण के लिहाज से आमची मुंबई की स्थिति काफी दयनीय हो चली है और हाल फिलहाल इसमें सुधार की बहुत कम गुंजाइश नजर आ रही है। शुक्रवार को लगातार छठे दिन मुंबई का एयर क्वालिटी इंडेक्स दिल्ली से भी खराब रही और यहां की वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 300 के पार हो गया। शुक्रवार को मुंबई का वायु गुणवत्ता सूचकांक 319 दर्ज किया गया है। जानकारों ने कहा है कि चूंकि हवा की गति काफी धीमी हो गई है, इसलिए इसकी गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में है। इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी देखने को मिला है। जैसे-जैसे मुंबई में हवा की गुणवत्ता दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है, कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मुंबई में कई मरीजों में सर्दी, खांसी, गले में खराश जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं।
प्रशासन नहीं कर रहा कोई उपाय
■ बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए अभी तक राज्य सरकार व नगर निगम प्रशासन द्वारा कोई उपाय नहीं किया गया है। यानी मुंबई को हाई रिस्क कैटेगरी में दर्ज किया गया है, जबकि दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 308 पर है।
■ मुंबई की बात करें तो सबसे खराब स्थिति चेम्बूर कि है जहां यह सूचकांक चेंबूर 352 तक पहुंच गया, जबकि नवी मुंबई की बात करें तो यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 1362 था, जो सबसे ज्यादा है।

चेंबूर व नवी मुंबई की वायु गुणवत्ता गंभीर
अंधेरी का 327, बीकेसी का 325, बोरीवली का 215, वर्ली का 200, मझगांव का 331, मालाड का 319, कोलाबा का 323 और भांडुप का सूचकांक 283 दर्ज किया गया। इससे पता चलता है कि चेंबूर और नवी मुंबई में वायु गुणवत्ता गंभीर स्थिति में है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ट्रिपल लेयर वाला मास्क पहनने की अपील की है। उनका कहना है कि हवा की गुणवत्ता अच्छी तब होती है जब हवा में मौजूद सूक्ष्म कण जमीन पर बैठ जाते हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों में वाहनों का धुआं बढ़ने से हवा मैं धूल के कणों की मात्रा बढ़ गई है।
मुंबई में रोगियों को खांसी, जुकाम और एलर्जी बढ़ गई है। सबसे ज्यादा परेशानी एलर्जी के मरीजों को हो रही है। छोटे बच्चों समेत कई मरीजों को लंबे समय तक खांसी रहती है. जिन लोगों को एलर्जी है, उन्हें फिलहाल 3 प्लाई वाला मास्क पहनना चाहिए।-डॉ. दीपक बेद, न्यूलाइफ अस्पताल, घाटकोपर
पूर्व पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने मुंबई में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सरकार की आलोचना की है। कहा कि सरकार मुंबई जलवायु कार्य योजना को लेकर गंभीर नहीं है और इस संबंध में काम बंद कर दिया है. यह देखा गया है कि चल रहे मेट्रो कार्यों, सड़कों पर वाहनों की बढ़ती संख्या और धूल के संयुक्त प्रभाव के कारण स्थिति और खराब हो गई है। इससे बीमार लोगों की परेशानी बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों ने खराब वायु गुणवत्ता वाले स्थानों में हृदय और फेफड़ों के विकारों में वृद्धि की भी भविष्यवाणी की है. वर्तमान में सांस की बीमारी वाले नागरिकों से सावधानी बरतने और मास्क का उपयोग करने का आग्रह किया गया है।


