- महिलाओं की कम होगी परेशानी
मुंबई (सं. भा.) मुंबई में सार्वजनिक शौचालयों की कमी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ती है। ऐसे में मनपा द्वारा 14 हजार इज्जत घर यानी शौचालय बनाए जाने से महिलाओं को काफी राहत मिलेगी। गौरतलब है कि मुंबई शहर और उपनगरों में 14 हजार सार्वजनिक शौचालय बनाए जाने का रास्ता साफ हो गया है। मुंबई महानगर पालिका प्रशासन ने शौचालय बनाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है, इसलिए जल्द ही इसका कार्यादेश जारी किया जाएगा। शौचालयों का काम बीएमसी के मध्यवर्ती विभाग की देखरेख में किया जाएगा। मुंबई शहर के लिए 93.68 करोड़ और उपनगरों के लिए 448.73 करोड़ कुल मिलाकर 542.41 करोड़ रुपए शौचालयों के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे। बीएमसी ने चरण 11 के तहत सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण के लिए निविदाएं आमंत्रित की थी। निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में थी, इसी बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने काम की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ठेका कॉर्पोरेट कंपनियों को देने का निर्देश मनपा प्रशासन को दिया था।
तोड़े जाएंगे मुंबई के पुराने और जर्जर शौचालय
लिहाजा प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया रोक कर नए में निविदा मंगाने का फैसला किया। हाल में मुंबई उपनगर के पालक मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने मनपा प्रशासन को पत्र लिखकर स्थगन आदेश हटाकर कॉर्पोरेट कंपनियों शामिल वाली टेंडर प्रक्रिया पर अमल करने की मांग की थी। इसके तहत स्थगन आदेश हटाकर ठेकेदारों का चयन कर प्रस्ताव मंजूरी के लिए मनपा प्रशासन को भेजा गया था। इस प्रस्ताव को मनपा प्रशासन ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। जल्द ही कार्यादेश जारी शौचालयों के निर्माण कार्य की शुरुआत होगी। चरण 12 में म्हाडा के पुराने और जर्जर शौचालयों का समावेश होगा। यदि निविदा प्रक्रिया से स्थगन आदेश नहीं हटाया गया तो म्हाडा के शौचालयों के निर्माण में और विलंब होता।

होंगी नई सुविधाएं
देख-रेख करने वालों के लिए रूम ओवरहेड टैंक, सेक्शन टैंक, छोटे बच्चों के लिए स्वच्छता गृह, लघुशंका गृह, बिजली और पानी की पर्याप्त व्यवस्था, जहां पानी उपलब्ध नहीं होगा, वहां टैंकर से कुएं के पानी की आपूर्ति, महिलाओं के अलग शौचालय व स्वच्छता गृह, पुराने और जर्जर शौचालयों को तोड़कर दो मंजिला शौचालय बनाए जाएंगे। लोगों को परेशानी न हो इसलिए शौचालयों को तोड़ने से पहले वैकल्पिक शौचालय की व्यवस्था की जाएगी।


