- मुख्यमंत्री फडणवीस बोले महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध पर नहीं होगी कोई नरमी
- उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, यह फैसला राज्य में कानून के राज को दर्शाता है
मुंबई (सं.भा.)। महाराष्ट्र के पुणे जिले के नसरापुर में तीन वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी भीमराव कांबले को महज 59 दिनों के भीतर तिहरी फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद राज्य सरकार ने इसे त्वरित न्याय का ऐतिहासिक उदाहरण बताया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ जघन्य अपराध करने वालों के लिए महाराष्ट्र में कोई जगह नहीं है। ऐसे मामलों में सरकार की नीति स्पष्ट है कि दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा सोमवार को विधानसभा में दिए अपने बयान में कहा कि इस मामले में पुलिस ने घटना के सिर्फ 14 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल कर दिया था। इसके बाद 29 दिनों में 55 गवाहों की गवाही पूरी की गई और सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 59वें दिन आरोपी को तिहरी फांसी की सजा सुनाई। उन्होंने इस मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश एस.आर. सालुंखे की विशेष सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने नियमित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए अपनी छुट्टियां तक स्थगित कर दीं। यह पूरी प्रक्रिया न्याय व्यवस्था की कार्यकुशलता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
फडणवीस ने कहा कि भीमराव कांबले जैसे दरिंदों के खिलाफ त्वरित न्याय ही समाज में कानून का भय पैदा करेगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों में जांच से लेकर अदालत के फैसले तक की प्रक्रिया को और अधिक तेज किया जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय मिल सके।
वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि अदालत का यह फैसला पूरे राज्य के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि महाराष्ट्र में कानून का राज है और यहां अपराधियों को किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अत्याचार करने वालों के लिए समाज और कानून में कोई स्थान नहीं है। ऐसे अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलना आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह का जघन्य अपराध करने का साहस न कर सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महायुति सरकार महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। त्वरित जांच, फास्ट ट्रैक अदालतों में सुनवाई और दोषियों को कठोर सजा दिलाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार आगे भी ऐसी व्यवस्था को और मजबूत करेगी, जिससे अपराधियों में कानून का भय बना रहे और पीड़ितों को बिना देरी न्याय मिल सके।


