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पैर पसार रहा ओमिक्रॉन

कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन यूरोप में बड़ी तेजी से बढ़ा है। उसकी यही रफ्तार रही तो पूरे यूरोप में त्राहि मच जाएगी। हमारे देश में भी ओमिक्रॉन संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। शुरुआती दौर में केवल एक दो राज्यों से शुरू हुआ ओमिक्रॉन अब कुल 12 राज्यों में अपने पैर पसार चुका है। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा ओमिक्रॉन के 54 संक्रमित मिले हैं। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चार और नए संक्रमितों के मिलने से मरीजों की कुल संख्या 26 हो गई है। देश के अन्य राज्यों तेलंगाना में 20, राजस्थान में 17, कर्नाटक में 14, गुजरात में 9, केरल में 15, उत्तर प्रदेश में दो, आंध्र प्रदेश, चंडीगढ़, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में एक-एक व्यक्ति में ओमिक्रॉन के लक्षण मिले हैं। देश में अब ओमिक्रॉन के कुल मामले 161 हो गए हैं। वहीं, इससे पहले राजधानी दिल्ली में रविवार को कोरोना के 107  केस दर्ज किए गए थे जो कि छह महीने बाद किसी भी एक दिन में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले  हैं। महाराष्ट्र में भी कोरोना के मामले में तेजी देखी गई है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार यहां रविवार को 902 मामले सामने आए थे। इजरायल ने सोमवार को अमेरिका, कनाडा और जर्मनी सहित 10 देशों को अपनी नो-फ्लाई सूची में जोड़कर यात्रा प्रतिबंध लगा दिया। इजरायल ने देश में 175 लोगों को संक्रमित करने वाले नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के प्रसार पर चिंताओं का हवाला देते हुए यह फैसला लिया। स्वास्थ्य मंत्रालय की सिफारिशों पर कार्रवाई करते हुए इजरायल के कैबिनेट मंत्रियों ने सोमवार को अमेरिका, इटली, बेल्जियम, जर्मनी, हंगरी, मोरक्को, पुर्तगाल, कनाडा, स्विट्जरलैंड और तुर्की को नो-फ्लाई सूची में रखने के लिए मतदान किया। पीएमओ के बयान में कहा गया कि कैबिनेट की बैठक में रविवार को हुई एक चर्चा के अनुसार, कैबिनेट मंत्रियों ने स्वास्थ्य मंत्रालय राज्य वर्गीकरण समिति की सिफारिश के अनुसार लाल देशों की सूची के विस्तार को मंजूरी दे दी है। इटली, अमेरिका, बेल्जियम, जर्मनी, हंगरी, मोरक्को, पुर्तगाल, कनाडा, स्विट्जरलैंड और तुर्की को कल यानी मंगलवार, 21 दिसंबर, 2021 की मध्यरात्रि से लाल देशों के रूप में परिभाषित किया जाएगा। मॉडेर्ना इंक ने तेजी से बढ़ते ओमिक्रॉन वेरिएंट पर काबू के लिए बैक्सीन की बुस्टर खुराक के लिए सरकार से मंजूरी मांगी है। कंपनी का कहना है कि उसके कोविड-19 वैक्सीन की एक बूस्टर खुराक प्रयोगशाला परीक्षण में तेजी से फैलने वाले ओमिक्रॉन वैरिएंट के खिलाफ प्रभावशाील साबित हो सकती है। कंपनी ने कहा कि मौजूदा वैक्सीन मॉडेर्ना की ओमिक्रॉन के खिलाफ प्रमुख वैक्सीन का कार्य करेगी। कंपनी ने कहा कि वर्तमान वैक्सीन एमआरएनए 1273 पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला इस बात से प्रेरित था कि हाल ही में सामने आया वैरिएंट कितनी तेजी से फैल रहा है। कंपनी अभी भी विशेष रूप से ओमिक्रॉन से बचाव के लिए एक वैक्सीन विकसित करने की योजना बना रही है, जिनका अगले साल की शुरुआत में और क्लिनिकल ट्रायल और आगे बढ़ने की उम्मीद है। इस बीच एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि हमें तैयारी के साथ उम्मीद करनी चाहिए कि स्थिति ब्रिटेन की तरह खराब न हो। हमें और डाटा की जरूरत होगी। जब भी दुनिया के अन्य हिस्सों में मामलों में बढ़ोतरी होती है, तो हमें करीब से नजर रखनी चाहिए।

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