मुंबई (सं. भा.) । महाराष्ट्र सरकार द्वारा बमकांड के दोषी अभिनेता संजय दत्त को अदालत द्वारा सुनाई गई सजा की अवधि पूरी होने से पहले की गई रिहाई पर सवाल उठने लगे है। पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्व. राजीव गांधी की हत्या के मामले में पिछले 29 सालों से उम्रकैद की सजा काट रहे दोषी ए. जी. पेरारीवलन ने मुंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है. उसने अपने वकील के माध्यम से बमकांड के आरोपी अभिनेता संजय दत्त की सजा अवधि पूरी होने से पहले जेल से की गयी रिहाई के आधार की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए सरकार को आदेश देने की बात कही है. इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए न्यायालयाने राज्य के सूचना आयुक्त को नोटिस भेजकर जवाब देने का आदेश दिया है.
न्यायमूर्ति के. के. तातेड एवं न्यायमूर्ति रियाज छागला की खंडपीठ ने राज्य के सूचना आयुक्त को नोटिस भेजते हुए प्रकरण की सुनवाई अगले महीने करने का फैसला किया है. पेरारीवलन की याचिका के अनुसार संजय दत्त को 1993 साल के बमकांड मामले में अवैध हथियार कानून के तहत सजा दी गयी थी. उसने याचिका में कहा कि दत्त की सजा पर सवाल नहीं है लेकिन सजा की अवधि पूरी होने से पहले रिहाई का आधार जानकर मुझे भी उसी आधार पर सजा में माफ़ी मिलने की प्रक्रिया शुरू करना है. सूचना अधिकार के तहत हमने राज्य सरकार के संबंधित विभाग से जानकारी मांगी थी लेकिन जवाब नहीं मिलने पर मुझे अदालत की शरण में जाना पड़ा है.


