- डॉक्टर तथा नर्स बन एम्बुलेंस में आम्बिवली पहुंची थी पुलिस
मुंबई (सं. भा.) : मुंबई पुलिस देश में सबसे तेज तर्रार मानी जाती है। रविवार को इसका प्रत्यक्ष प्रमाण भी देखने को मिला। दरअसल बोरीवली पश्चिम के एम एच बी पुलिस स्टेशन में लूटपाट का मामला दर्ज है। इसका मुख्य आरोपी ईरानी गैंग से जुड़ा है और वह काफी दिनों से फरार चल रहा था। इसी दौरान एम एच बी पुलिस को खबरी से जानकारी मिली की आरोपी अपने पारिवार के पास कल्याण स्थित आम्बिवली गांव आया हुआ है। इस आम्बिवली गांव में बहुतायत संख्या में ईरानी मूल के लोग रहते है जो चोरी, झपटमारी, बातों में उलझाकर लोगों को ठगना , लूटपाट और चेनस्नेचिंग में जैसे अपराधों में बड़े पैमाने पर शामिल रहते है। ईरानियों में इतनी एकजुटता है कि पुलिस को भी इन्हें पकड़ने के लिए नाकों चने चबाने पढ़ते है। ऐसे में ईरानी गैंग से जुड़े आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस को भेष बदलकर और अन्य तरीके अपनाने पड़ते हैं।
ऐसा ही एक घटना रविवार को एम एच बी पुलिस द्वारा घटित किया गया। एमएचबी पुलिस स्टेशन में दर्ज लूटपाट के मामले के एक आरोपी को पकड़ने के लिए जोन 11 के 26 पुलिस वालों को भेष बदलकर आम्बिवली गांव एम्बुलेंस में जाना पड़ा। जिस आरोपी को पकड़ा गया है वह मुख्य रूप से छिनैती जैसे अपराध में मुंबई के अलग अलग पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में शामिल रहा है।

लूटपाट के मामलों के इस अपराधी को मुंबई के जोन 11 की पुलिस जब पकड़ने गई तब ईरानी महिलाओं का जबरदस्त विरोध झेलना पड़ा। ईरानी महिलाओं ने मुंबई पुलिस पर पत्थरों की वर्षा तक कर दी और आरोपी को मौके से भगाने की कोशिश की। किसी प्रकार पुलिस की टीम आरोपी को एम्बुलेंस में डालकर मुंबई के बोरीवली पश्चिम स्थित एमएचबी पुलिस स्टेशन लाने में सफल रही।
गिरफ्तार आरोपी का नाम मोहम्मद उर्फ संगा जाकिर फर्जद सय्यद (27) बताया गया है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस स्टेशन के जांच अधिकारी सहायक पुलिस निरीक्षक सूर्यकांत पवार, पुलिस उप-निरीक्षक अखिलेश बॉम्बे ने जोन 11 के डीसीपी अजय कुमार बंसल से ईरानी गैंग के फरार कुख्यात आरोपी संगा को पकड़ने के लिए अतिरिक्त पुलिस टीम की मदद मांगी। डीसीपी अजय कुमार बंसल के निर्देश पर अधिकारी सूर्या पवार ने आरोपी संगा को पकड़ने के लिए जोन के सभी पुलिस स्टेशन से 26 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को ऑपेरशन अम्बिवली में शामिल किया।
दरअसल पुलिस अधिकारी सूर्यकांत पवार को एक गुप्त सूचना मिली थी कि रविवार शाम करीब 5 बजे उक्त आरोपी संगा ईरानी मस्जिद के पास एक चाय की दुकान पर आने वाला है।
उसे हर हाल में पकड़ने के लिए 26 पुलिस वालों की 3 टीम बनाई गई। यह सभी पुलिस वाले अपने साथ पिस्टल, दंडा और हथकड़ी से लैस हो कर 2 एम्बुलेंस और 2 निजी कर से आम्बिवली गांव पहुंचे थे।
सूचना के अनुसार पुलिस की टीम नंबर 1 एम्बुलेंस में बैठकर ईरानी बस्ती के मस्जिद के पास चाय की टपरी पर पहुचीं। जैसे ही एंबुलेंस ईरानी बस्ती में दाखिल हुई, आरोपी को लगा कि पुलिस आ गई है। आरोपी ने भागने की कोशिश की और पूरी गली चिल्लाने लगी कि पुलिस आ गई है। ईरानी बस्ती के सभी लोगों और महिलाओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया और जमकर पत्थरबाजी करने लगे। इतने भारी विरोध के बावजूद पुलिस आरोपी संगा को पकड़ने में सफल रही। पुलिस टीम पर जानलेवा हमला होने के बावजूद आरोपी को नहीं छोड़ा और उसको 800 मीटर घसीटते हुए एंबुलेंस तक ले आए। पकड़ा गया आरोपी मोहम्मद@ संगा जाकिर फर्जद सय्यद पर गुजरात और महाराष्ट्र में जबरी लूटपाट चीटिंग जैसे 26 मामले दर्ज हैं।


