- फेरीवालों तक पहुंच कर कर्ज देगी बीएमसी
मुंबई (सं. भा.) : प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की रफ्तार बढ़ाने के लिए बीएमसी अधिकारी फेरीवालों से संपर्क करेंगे। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा फेरीवालों को इस योजना का लाभ दिलाना है। अब तक इस योजना का लाभ 84,384 स्ट्रीट फेरीवालों ने उठाया है। लेकिन यह काम काफी धीमी गति से चल रहा है। गति बढ़ाने के लिए बीएमसी अधिकारी फेरीवाला संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ जल्द ही बैठक करेंगे। केंद्र सरकार ने बीएमसी को इस योजना का विस्तार करने का निर्देश दिया है। फेरीवालों की लिस्ट में मछली विक्रेताओं के साथ बचत गट के रूप में सामग्री बनाकर बेचने वाली महिलाओं को भी इसमें शामिल किया गया है। केंद्र सरकार के निर्देश पर फेरीवालों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 10 हजार रुपये कर्ज दिलाने पर जोर दिया जा रहा है। कोरोना काल में रोजगार खो चुके फेरीवालों को अपने पैर पर खड़ा होने और दोबारा रोजगार की ओर लौटने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 10 हजार रुपये का कर्ज दिलाने का निर्देश दिया था। 10 हजार की किस्त भरने के बाद फेरीवालों को 20 हजार उसे भरने के बाद 50 हजार रुपये का लोन इस योजना के तहत उपलब्ध कराया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जनवरी 2023 को फेरीवालों के बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर करने की शुरुआत की थी। वहीं, बीएमसी का लक्ष्य मुंबई में 2 लाख फेरीवालों को इस योजना का लाभ दिलाना है। लेकिन हॉकर्स पॉलिसी बनाने के लिए जारी बीएमसी की लिस्ट में सिर्फ 32,000 फेरीवालों को शामिल किया गया है।

9 साल से लटकी है पॉलिसी
केंद्र सरकार के आदेश के बाद वर्ष 2014 में बीएमसी ने मुंबई में फेरीवालों का सर्वेक्षण किया था। मुंबई में 1,28,443 फेरीवाले मिले थे, 24 वॉर्ड कार्यालयों में 99 हजार 435 आवेदन प्राप्त हुए थे। बीएमसी ने 15,361 फेरीवालों को पात्र घोषित किया था, लेकिन 9 साल में फेरीवाला पॉलिसी नहीं बन पाई है। टाउन वेंडिंग कमिटी में नगरसेवकों को भी शामिल करना है, जबकि लगभग डेढ़ साल से बीएमसी के चुनाव ही नहीं हुए।


