मुंबई (सं. भा.): शहर की रोजमर्रा की आवाजाही पर असर डालने वाली एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। ई-चालान प्रणाली के विरोध में निजी बस मालिकों ने 5 मार्च से अनिश्चितकालीन ‘ऑफ-रोड’ आंदोलन की घोषणा की है, जिससे हजारों यात्रियों की यात्रा प्रभावित हो सकती है।
मुंबई बस मालिक संगठन का आरोप है कि ई-चालान सिस्टम का कथित तौर पर गलत और अस्पष्ट नियमों के तहत इस्तेमाल किया जा रहा है। संगठन के सचिव केवी शेट्टी के अनुसार, “बिना स्पष्ट दिशानिर्देशों के चालान काटे जा रहे हैं और सुरक्षा के नाम पर रेट्रोफिटिंग के नियम जबरदस्ती लागू किए जा रहे हैं।” उनका कहना है कि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई, तो निजी बस सेवाएं बंद करने का कदम उठाया जाएगा।
यह आंदोलन महाराष्ट्र राज्य ट्रक, टेम्पो, बस (स्कूल, कर्मचारी और यात्री) ट्रेलर महासंघ, मुंबई बस मालिक संघ सहित विभिन्न संगठनों के संयुक्त मंच ‘महाराष्ट्र ट्रांसपोर्टर्स एक्शन कमिटी’ के बैनर तले प्रस्तावित है। अनुमान है कि मुंबई महानगर क्षेत्र में करीब 25 से 30 हजार निजी बसें संचालित होती हैं। हड़ताल की स्थिति में स्कूली छात्रों, कर्मचारियों और दैनिक यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
बस मालिकों का कहना है कि बार-बार शिकायत और बातचीत के बावजूद संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकला। संगठन ने कंपनियों, संस्थानों और स्कूल प्रशासन से वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है। फिलहाल प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।


