मुंबई (सं. भा.) रविवार को आठ दिवसीय वासंतिक नवरात्र उत्सव का समापन पूर्णाहुति के साथ हवन-पूजन में हुआ। 30 मार्च से आरंभ हुए शक्ति उपासना पर्व का समापन रामनवमी पर माता सिद्धिदात्री की पूजा और हवन के साथ संपन्न हुआ। महाराष्ट्र की परंपरा अनुसार, शनिवार को महाअष्टमी पर विभिन्न स्थानों पर नव चंडी यज्ञ की पूर्णाहुति कर कन्या पूजन किया गया, जबकि उत्तर भारतीय हिंदी भाषी समुदाय ने रविवार को रामनवमी पर नवरात्रोत्सव की पूर्णाहुति की। नवी मुंबई, ठाणे, वसई-विरार, मीरा-भायंदर और पालघर जैसे क्षेत्रों में भी उत्सव का समापन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया।
महालक्ष्मी मंदिर में शनिवार को महाअष्टमी के अवसर पर विशेष हवन और पूजन का आयोजन किया गया। मंदिर प्रबंधक नितिन कांबली के अनुसार, हवन में आहुति देने के लिए ट्रस्टियों सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। रामनवमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे, जिनकी सुविधा हेतु गांव देवी पुलिस, निजी सुरक्षा रक्षक और स्वयंसेवकों की सहायता ली गई।
वहीं, माता मुंबा देवी मंदिर में चैत्र नवरात्र महोत्सव का समापन रविवार को नव चंडी यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ हुआ। मंदिर के ट्रस्टियों ने सपरिवार यज्ञ में आहुति दी। प्रबंधक हेमंत जाधव ने बताया कि आगामी 10 अप्रैल को महावीर जयंती और 12 अप्रैल को हनुमान जयंती के आयोजन होंगे। साथ ही चैत्र पूर्णिमा पर मासिक नव चंडी यज्ञ की पूर्णाहुति भी की जाएगी, जिसमें एक दर्जन से अधिक कर्मकांडी ब्राह्मणों द्वारा अनुष्ठान संपन्न कराए जाएंगे और मंदिर न्यास के सभी ट्रस्टी सपरिवार सम्मिलित होंगे।


