मुंबई (सं. भा.)। कांदिवली पश्चिम, लालजी पाड़ा के गांधी नगर में एसआरए की योजना लाने के लिए जयभारत (कांदिवली) एसआरए को. ऑ. हौ.सो. लि. बनाई गई। इस सोसायटी के पदाधिकारियों और बिल्डर राज आर्केड्स होम्स प्राइवेट लि. की मिली भगत से आज भी कई झोपड़ाधारक एसआरए के फ्लैट पाने की आस में अपने कागजात लेकर दर दर की ठोकर खाने को मजबूर है। दूसरी ओर आरोप यह लग रहा है कि जयभारत (कांदिवली) एसआरए को. ऑ.हौ.सो.लि. के पदाधिकारियों ने विकासक राज आर्केड्स होम्स प्राइवेट लि. के साथ मिली भगत कर और फर्जी कागजातों के आधार पर एसआरए के फ्लैटों का सौदा कर लिया। इस सौदे के तहत बिल्डर द्वारा इन पदाधिकारियों को एसआरए की बिल्डिंग में एक के बदले कई फ्लैट दिए गए। इस के अलावा बिल्डर द्वारा अपने सेल बिल्डिंग कल्प वृक्ष हाईट में भी ६ फ्लैट पदाधिकारियों को देने के अलावा इतना ज्यादा नगदी दिया गया कि उन लोगों ने चारकोप में केसर को .ऑ. हाऊसिंह सोसायटी, धाणुकर वाड़ी, लिंक रोड पर रुपारेल बिल्डर के सेल बिल्डिंग के अलावा मालाड पूर्व, हाईवे से सट कर बनाए गए ओमकार टावर में भी फ्लैट खरीदने की कुबत जयभारत (कांदिवली) एसआरए को. ऑ. हाऊसिंग सोसायटी लि. के पदाधिकारियों ने दिखाई है।
एसआरए के नियमों के अनुसार एक झोपड़ाधारक को पूरे मुंबई में एसआरए स्किम के तहत बने बिल्डिंगों में सिर्फ एक फ्लैट ही पाने का अधिकार है। इस नियम की धज्जी उड़ाने का काम जयभारत (कांदिवली) एसआरए को. ऑ. हाऊसिंग सोसायटी लि. के पदाधिकारियों ने खुले आम किया है।


