विश्व विख्यात मीडिया एक्सपर्ट स्कॉट पेली के अनुसार लोकतंत्र की सफलता या विफलता उसकी पत्रकारिता पर आधारित रहती है। यह उक्ति मुंबई शहर के अग्रणी हिंदी साप्ताहिक संगठन भारत की 15 सालों की सफल यात्रा को देखते हुए एकदम सच लगती है। पत्रकार श्री राज किशोर तिवारी जी ने साबित कर दिया है कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ पत्रकारिता को क्यों माना जाता है। क्योंकि भारत के इतिहास को संवारने में हिंदी पत्रकारिता का विशेष स्थान रहा है। पत्रकार का काम केवल खबर दिखाना ही नहीं, बल्कि समाज को आइना दिखाना भी है। पत्रकारिता के इसी उद्देश्य और निडर निष्पक्ष पत्रकारों को प्रोत्साहित करने के लिए संगठन भारत समर्पित भाव से निरन्तर 15 साल से कार्य कर रहा है।
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने कहा है कि प्रेस आधुनिक जीवन के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, खासकर लोकतंत्र में. प्रेस के पास जबरदस्त शक्तियां और जिम्मेदारियां हैं. प्रेस का सम्मान किया जाना चाहिए और उसका सहयोग भी।
संगठन भारत का पत्रिकारिता का परचम हमेशा लहराता रहे, इस आशय की ढेर सारी शुभकामनाएं
हेमलता त्रिपाठी
लेखिका, पत्रकार, लखनऊ


