मुंबई (सं. भा.)। मौसम विभाग द्वारा अरब सागर मे उठे चक्रवाती तूफान तौकते को लेकर जो भविष्यवाणी की थी वह बिलकुल एकदम सही सलामत निकली रविवार की रात से शुरु हुआ तूफान सोमवार की सुबह तेज बारिश मे तब्दील हो गया। तेक हवाओं के साथ दिन भर चली मुसलादार बारिश से पुरा मुंबई शहर पानी-पानी हो गया। घने काले बादलों के चलते दिन मे भी शाम जैसा दिखने लगा। लगा मानो मई महीने मे ही जुन जुलाई वाली बरसात का मौसम आ गया है। इससे जहां लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की तो मनपा द्वारा जगह-जगह खोदे गए गड्ढे पानी से लबालब हो गए। लॉकडाउन के चलते बाजारो से चहल-पहल पूरी तरह गायब हो गई। इक्का दुक्का चलने वाली पब्लिक ने भी घरों मे बैठना मंजुर किया। हालांकि इसके पहले भी प्रशासन ने चेतावनी जारी कर दी थी की लोग कहां तक संभव हो सके अपने घरों मे रहे घरों से बाहर ना निकले।

मनपा प्रशासन ने बरती सावधानी
कोविड मरीजों को पहले ही कर दिया था शिफ्ट
हालांकि भारतीय मौसम विभाग ने चार दिन पहले ही तूफान की संभावना को जता दिया था। दो दिन पहले से ही गोवां और कर्नाटक मे तूफान ने अपना रौद्र रुप दिखा कर कई घरों को उजाड़ दिया था। इसको ध्यान मे रखते हुए मनपा प्रशासन ने समुद्री किनारों के पास बनाए गए कोरोना के जंबो कोविड सेंटर से लगभग ६०० मरीजों को अन्य सेंटरों मे शिपÌट कर दिया था। मनपा आयुक्त एकबाल सिंह चहल और महापौर किशोरी पेंडणेकर ने संबंधित कोविड सेंटरों का दौरा कर हालात का जायजा लिया था मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी तैयारियां पुरी करने का निर्देश दिया था। इसके तहत आपात काल मे बिजली कटने पर विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए जनरेटर और डिजल की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया था। इसके अलावा समुद्री तटो पर दमकल कर्मियों के सात लाइफ गार्ड तैनात किए गए थे। ताकि आपात काल मे किसी की भी जान बचाई जा सके।


